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Market outlook : निफ्टी 21150 के ऊपर हुआ बंद, जानिए 15 दिसंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock market : जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि बाजार ने अपना उत्साह जारी रखा और फेडरल रिजर्व की नरम टिप्पणी के दम पर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट ने निवेशकों के विश्वास में और बढ़त की। भारत के सकल घरेलू उत्पाद के पूर्वानुमान में सुधार, तेल की कीमतों में गिरावट कारण रियल्टी और आईटी के बेहतर प्रदर्शन के साथ ब्रॉडर मार्केट में भी जोरदार तेजी रही

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 14, 2023 पर 8:20 PM
Market outlook : निफ्टी 21150 के ऊपर हुआ बंद, जानिए 15 दिसंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, विप्रो, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज निफ्टी के टॉप गेनरों में रहे। गुरुवार के कारोबार में गोदरेज प्रॉपर्टीज और डीएलएफ के शेयर 7 फीसदी तक भाग गए

Stock market : अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नरम रुख की वजह से 14 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आई। जहां सेंसेक्स 929 अंक बढ़कर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 21200 के स्तर के करीब पहुंच गया। निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी जैसे इंडेक्स इस तेजी के टॉप लीडर। इनमें 3.5 फीसदी और 3.8 फीसदी की बढ़त हुई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 929.60 अंक या 1.34 फीसदी बढ़कर 70514.20 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 256.40 अंक या 1.23 फीसदी चढ़कर 21,182.70 पर बंद हुआ। आज मार्केट ब्रेड्थ भी पॉजिटिव रहा। लगभग 1,851 शेयरों में तेजी आई। वहीं, 1,363 शेयरों में गिरावट आई जबकि 86 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 355 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि सभी लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। 14 दिसंबर को लगभग 19 निफ्टी स्टॉक 52-हफ्ते के हाई और कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।

टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, विप्रो, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज निफ्टी के टॉप गेनरों में रहे। गुरुवार के कारोबार में गोदरेज प्रॉपर्टीज और डीएलएफ के शेयर 7 फीसदी तक भाग गए। दरों में कटौती की संभावना से रियल्टी शेयरों में भी जोरदार उछाल आया।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि बाजार ने अपना उत्साह जारी रखा और फेडरल रिजर्व की नरम टिप्पणी के दम पर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट ने निवेशकों के विश्वास में और बढ़त की। भारत के सकल घरेलू उत्पाद के पूर्वानुमान में सुधार, तेल की कीमतों में गिरावट और महंगाई को लक्ष्य तक सीमित रखने के आरबीआई के फैसले के कारण रियल्टी और आईटी के बेहतर प्रदर्शन के साथ ब्रॉडर मार्केट में भी जोरदार तेजी रही।

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