Market outlook : 14 सितंबर को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में सेंसेक्स-निफ्टी हल्की बढ़त के साथ बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 52.01 अंक या 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 67519.00 पर और निफ्टी 33.10 अंक या 0.16 फीसदी की तेजी लेकर 20103.10 के स्तर पर बंद हुआ है। आज लगभग 2302 शेयरों में तेजी देखने को मिली है। जबकि 1243 शेयर गिरे हैं। वहीं, 145 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यूपीएल, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, एमएंडएम और आयशर मोटर्स निफ्टी के टॉप गेनर रहे हैं। जबकि एशियन पेंट्स, कोल इंडिया, आईटीसी, एलटीआई माइंडट्री और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज निफ्टी के टॉप लूजर रहे हैं।
एफएमसीजी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद
अलग- अलग सेक्टर की बात करें तो एफएमसीजी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ है। जबकि तेल एवं गैस, रियल्टी, मेंटल और पीएसयू बैंक 1 फीसदी के बढ़त लेकर बंद हुए हैं। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों ने 1 फीसदी की बढ़त के साथ बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है। उधर डॉलर के मुकाबले रुपए में आज थोड़ी कमजोरी देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पिछले बंद भाव 82.99 के मुकाबले मामूली गिरावट के साथ 83.03 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के एस रंगनाथन का कहना है कि त्योहारी सीजन के करीब आ रहा है। ऐसे में बैंक, ऑटो और रियल्टी शेयर बेंचमार्क इंडेक्स को हरे निशान में बंद होने में मदद करते दिख रहे हैं। आज के कारोबारी सत्र में मिड और स्मॉल कैप में तेजी देखने को मिली। कम बारिश के कारण महाराष्ट्र में उत्पादन में गिरावट की खबरों के चलते चीनी शेयरों में खरीदारी दिखा। अगस्त महीने में आए इकोनॉमी से आंकड़ों में मजबूती के कारण भी बाजार में तेजी आई।
15 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि वीकली क्लोजिंग के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव रहा और ये मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। शुरुआती तेजी के बाद दिग्गज शेयरों में आई मुनाफावसूली से बढ़त कम हो गई। जिसके बाद कारोबार अंत तक बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच अलग-अलग सेक्टरों में बारी-बारी से आ रही खरीदारी (रोटेशनल बाइंग) से इंडेक्स में धीरे-धीरे बढ़त हो रही है। निफ्टी में हमें जल्द ही 20300 का लक्ष्य देखने को मिल सकता है। उम्मीद है कि किसी गिरावट में 19800-19950 का जोन निफ्टी के लिए सपोर्ट का काम करेगा। बाजार में भाग लेने वालों को सलाह होगी कि वे इंडेक्स हैवी वेट्स पर नजर बनाएं रखें और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएं।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई की दर और ईसीबी नीति बैठक में कड़े फैसले की आशंका के चलते नई ऊंचाई छूने के बाद बाजार सीमित दायरे में लौट आया। तेल की बढ़ती कीमतों और महंगे वैल्यूएशन के चलते बाजार में शॉर्ट टर्म में कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।