Market Outlook : 27 मई को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद, US-ईरान को लेकर बनी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच भारतीय इक्विटी बाजार में पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती घंटों में बेंचमार्क सूचकांकों ने अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई कर ली और तेजी और मंदी के बीच झूलते रहे। कारोबार के अंत में ये मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
बैंकिंग, IT और ऑयल एंड गैस स्टॉक्स में बिकवाली के दबाव ने बढ़त को सीमित रखा, जबकि पावर, मेटल्स, टेलीकॉम, ऑटो और मीडिया से जुड़े शेयरों में हुई बढ़त ने पूरे बाजार को सहारा दिया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 141.90 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 75,867.80 पर और निफ्टी 6.55 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 23,907.15 पर बंद हुआ।
मेन इंडेक्सों की तुलना में ब्रॉडर इंडेक्सों का प्रदर्शन बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। भारतीय रुपया 95.79 के इंट्राडे निचले स्तर से उबरकर, पिछले बंद भाव 95.68 के मुकाबले 95.69 प्रति डॉलर पर सपाट बंद हुआ।
बकरीद के कारण, 28 मई (गुरुवार) को बाजार बंद रहेगा।
29 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि मेन इंडेक्स एक सीमित दायरे में बने हुए हैं,जबकि मिडकैप इंडेक्स एक नए जोन में प्रवेश कर गया है। मिडकैप को घरेलू निवेश में हो रही रिकवरी का सहारा मिला है। इससे FII की बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिल रही है। यह बदलाव अर्निंग्स और वैल्यूएशन में सुधार की उम्मीदों का संकेत है। US-ईरान शांति की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं, इससे बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही थोड़ा नरम रह सकती है, लेकिन भारत के मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स यह संकेत दे रहे हैं कि एक कमजोर तिमाही से ब्रॉडर आउटलुक में बदलाव आने की संभावना कम है।
शॉर्ट टर्म के नजरिए से लार्ज कैप शेयर आकर्षक होते जा रहे हैं क्योंकि वे अपने लॉन्ग टर्म प्रीमियम से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। साथ ही, पश्चिम एशिया के घटनाओं के चलते FII की बिकवाली में कमी आने से इस सेगमेंट में फिर से तेजी आने की संभावना है।
SBI सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि आगे Nifty के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24030-24050 जोन में है। इस जोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल Nifty को 24200 की ओर और उसके बाद नियर टर्म में 24350 की ओर अपना पुलबैक बढ़ाने में मदद कर सकती है। दूसरी ओर Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 23720-23700 जोन में है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि तकनीकी और डेरिवेटिव डेटा आने वाले सत्रों में एक साइडवेज़ से हल्के पॉजिटिव रुझान का संकेत दे रहे हैं। निफ्टी के लिए आगे 23800 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। जबकि 24000-24100 एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। निफ्टी इंडेक्स के लिए पोजीशनल सपोर्ट 23650 के स्तर पर दिख रहा है।
सुदीप शाह ने कहा कि आगे Bank Nifty के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 55200-55300 जोन में है। इस जोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल Bank Nifty को 55700 की ओर, और उसके बाद नियर टर्म में 56100 की ओर अपना पुलबैक बढ़ाने में मदद कर सकती है। दूसरी ओर, Bank Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 54400-54300 जोन में है।
वत्सल भुवा का कहना है कि Nifty Bank ने हाल ही में डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन ब्रेकआउट दिया और सफलतापूर्वक अपने 20-दिन और 50-दिन के SMA को फिर से हासिल कर लिया। यह इंडेक्स में बेहतर मोमेंटम का संकेत है। हालांकि, हाल की तेजी के बाद पिछले दो ट्रेडिंग सेशन के दौरान हल्की प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। इसके बावजूद, कुल मिलाकर इसका रुख तब तक पॉज़िटिव बना रहेगा जब तक इंडेक्स 54400 के जोन के साथ-साथ अपने अहम शॉर्ट-टर्म और मिड-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहता है।
लेवल्स के लिहाज से देखें तो 54500-54400 एक मज़बूत सपोर्ट जोनन का काम कर सकता है, जबकि रेजिस्टेंस 55500-55800 के आस-पास है। रेजिस्टेंस के ऊपर ब्रेकआउट होने पर, 56200 और 56500 के लेवल्स तक ऊपर जाने की गुंजाइश बन सकती है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।