HDFC Bank Clarification: HDFC Bank ने अपनी आंतरिक ऑडिट और गवर्नेंस प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोपों वाली रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ने कहा है कि उसके पास मज़बूत आंतरिक निगरानी, ऑडिट और नियंत्रण सिस्टम हैं। बैंक ने आगे कहा, "सभी मुद्दों को बैंक के तय नियमों के अनुसार ही निपटाया जाता है।" बैंक ने यह भी कहा कि वह चुनिंदा विषयों के आधार पर किसी भी गलत काम या दोषारोपण को पूरी तरह से खारिज करता है।
बता दें कि इसके पहले आज ही 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने दस्तावेजों और सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि HDFC बैंक ने कथित तौर पर बड़ी जमा राशि आकर्षित करने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि बैंकिंग नियमों के तहत बैंकों को जमाकर्ताओं को अलग-अलग ब्याज़ दरें देने की अनुमति नहीं है। इसमें आगे आरोप लगाया गया कि बैंक ने अतिरिक्त भुगतान को मार्केटिंग खर्च के तौर पर छिपाया जिसे वेंडरों के ज़रिए भेजा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बैंक के CEO शशिधर जगदीशन को इसके बारे में पता था।
Moneycontrol इस रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
NSE के डेटा के मुताबिक HDFC Bank के शेयर आज 20.25 रुपये या 2.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 758.65 रुपए पर बंद हुआ है। 19 मार्च से अब तक इस स्टॉक में लगभग 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसी दिन बैंक के पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिससे बैंक में गवर्नेंस के तरीकों को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
हालांकि अतानु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे के समय कोई सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने कहा था कि बैंक के भीतर कुछ तौर-तरीके उनके निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे।
इससे पहले, HDFC Bank द्वारा इस मामले की जांच के लिए नियुक्त कानूनी फर्मों को अब तक बैंक की प्रक्रियाओं में कोई बड़ी खामी नहीं मिली है। कानूनी समीक्षा का अंतिम नतीजा अभी भी आना बाकी है।
बैंक ने जगदीश को दोबारा नियुक्त करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के पास अभी तक आवेदन भी जमा नहीं किया है। CEO के तौर पर उनका मौजूदा तीन साल का कार्यकाल अक्टूबर में समाप्त हो रहा है।
HDFC Bank के शेयर ने पिछले 1 हफ्ते में 0.38 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 1 महीने में इसने 3.49 फीसदी की कमजोरी दिखाई है। 3 महीने में ये शेयर 14.14 फीसदी टूटा है। इस साल अब इसने 23.10 फीसदी की कमजोरी दिखाई है। वहीं, 1 साल में ये शेयर 20.87 फीसदी और 3 साल में 5.68 फीसदी टूटा है।