Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कमज़ोर नतीजों की उम्मीद का असर बाजार के सेंटीमेंट पर भी पड़ रहा है। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों और भारतीय रुपये में स्थिरता और हाल ही में FII की निकासी में कमी से बाज़ार को निकट भविष्य में सहारा मिलने की उम्मीद है,जिसमें लार्ज-कैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की संभावना है

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 4:29 PM
Market Outlook : हाल की वोलैटिलिटी के बाद बाजार में अभी भी हल्का कंसोलिडेशन दिख रहा है,जो निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है। हालांकि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है

Market Outlook : 30 जून को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 249.70 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 76,478.67 पर और निफ्टी 80.50 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,865.75 पर बंद हुआ। लगभग 2250 शेयरों में बढ़त हुई,1805 शेयरों में गिरावट आई और 173 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में आयशर मोटर्स,इंफोसिस,टाटा कंज्यूमर,टीसीएस और विप्रो शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मारुति सुजुकी,टाइटन कंपनी,अदाणी एंटरप्राइजेज,बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टर की बात करें तो IT इंडेक्स 2.5% और FMCG 0.4% गिरा,जबकि PSU बैंक और मीडिया इंडेक्स में 0.7% की गिरावट आई। वहीं दूसरी ओर, कंज्यूमर ड्यूरेबल और रियल्टी इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 प्रतिशत ऊपर रहा।


जियोजित इन्वेस्टमेंट के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाज़ार में उतार-चढ़ाव कम रहा और यह एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा,जिसमें मिला-जुला रुझान दिखा। हालांकि जियोपॉलिटिकल चिंताएं कम हुई हैं,लेकिन अमेरिका-ईरान शांति समझौते की नाज़ुक स्थिति का असर बाज़ार के सेंटिमेंट पर बना हुआ है,जिससे किसी भी दिशा में कोई खास हलचल नहीं हो पा रही है।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा,लेकिन गिरावट की ओर ज़्यादा झुकाव दिखा। IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। निवेशक ब्याज दरों की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अमेरिका के आने वाले रोज़गार के आंकड़ों और नए फेड चेयरमैन के बयानों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं,क्योंकि महंगाई दर अभी भी लक्ष्य से ऊपर है,जबकि आर्थिक गतिविधियां अच्छी रफ़्तार से बढ़ रही हैं।

घरेलू मोर्चे पर,मॉनसून का मौजूदा रुझान(जो पिछले एक दशक में सबसे बड़ी कमी की ओर इशारा कर रहा है) कृषि उत्पादन और उससे जुड़े सेक्टर को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है। साथ ही,वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कमज़ोर नतीजों की उम्मीद का असर बाजार के सेंटीमेंट पर भी पड़ रहा है। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों और भारतीय रुपये में स्थिरता और हाल ही में FII की निकासी में कमी से बाज़ार को निकट भविष्य में सहारा मिलने की उम्मीद है,जिसमें लार्ज-कैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की संभावना है।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि NSE F&O की मंथली एक्सपायरी के दौरान निफ्टी 23,850–24,050 की रेंज में ऊपर-नीचे होता रहा। मार्केट का मूड थोड़ा नेगेटिव रहा। हालांकि, डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स को 50EMA पर सपोर्ट मिला। लेकिन,डेली RSI में'बेयरिश क्रॉसओवर'हुआ है,जो मोमेंटम के कमजोर होने का संकेत है।

कुल मिलाकर,मार्केट का सेटअप मिला-जुला लग रहा है। 24,000 के स्ट्राइक पर काफी ज़्यादा'कॉल'और 'पुट'राइटिंग हुई है,जिससे पता चलता है कि यह लेवल एक अहम मोड़ का काम कर सकता है। आगे चलकर,नई सीरीज़ की शुरुआत निफ्टी के 24,000 के लेवल के आस-पास होने की संभावना है। इस लेवल से कोई भी बड़ी हलचल इंडेक्स के अगले ट्रेंड के बारे में संकेत दे सकती है। अगर निफ्टी 23,800 के लेवल से नीचे टूटता है,तो इसमें एक बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है। हालांकि,अगर यह 23,800 के ऊपर बना रहता है,तो जल्द ही अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी को उम्मीद है कि आगे बाज़ार एक दायरे में रहेगा और ग्लोबल खबरों से प्रभावित होगा। हम US-ईरान बातचीत,कच्चे तेल की कीमतों और US के आने वाले आर्थिक डेटा पर बारीकी से नज़र रखेंगे। घरेलू स्तर पर,वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों का सीज़न,मॉनसून की प्रगति और विदेशी निवेशकों का निवेश रुझान की दिशा तय करने वाले मेन फैक्टर होंगे।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में सुस्त कारोबार हुआ। कुछ शेयरों में मुनाफ़ा वसूली और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण मेन इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। गिरावट के बावजूद,ब्रॉडर मार्केट अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है और अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं।

निफ्टी 80.50 अंक यानी 0.34% गिरकर 23,865.75 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 23,800–23,750 के अहम सपोर्ट ज़ोन के आसपास बना हुआ है, जिस पर आने वाले सत्रों में नज़र रखना जरूरी होगा। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है,तो नई खरीदारी आ सकती है। जबकि इसके नीचे जाने पर 23,600 तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 23,950–24,000 के आस-पास है और उसके बाद 24,100 पर अगला रेजिस्टेंस है।

कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। इसके चलते सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.33% गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,200–76,000 के आस-पास दिख रहा है,जबकि रेजिस्टेंस 76,800-77,000 के आसपास है। इन स्तरों से ऊपर जाने पर शॉर्ट टर्म आउटलुक बेहतर होगा।

कुल मिलाकर हाल की वोलैटिलिटी के बाद बाजार में अभी भी हल्का कंसोलिडेशन दिख रहा है,जो निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है। हालांकि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,लेकिन ट्रेडर्स को सोच-समझकर शेयर चुनने चाहिए और उन क्वालिटी शेयरों पर फोकस करना चाहिए जो रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखा रहे हैं। अनुशासित रिस्क मैनेजमेंट बनाए रखना और आक्रामक पोजीशन लेने से पहले कन्फर्मेशन का इंतज़ार करना ही बेहतर रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ट्रेड कर रहा है। RSI के 'बेयरिश क्रॉसओवर'में जाने से मोमेंटम कम होता दिख रहा है। इंडेक्स अपने 20-घंटे और 50-घंटे के सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ है,जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। मोमेंटम कमजोर होने के बावजूद,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर'साइडवेज'बना हुआ है,जिससे'रेंज-ट्रेडिंग'अप्रोच अपनाने का संकेत मिलता है।

ट्रेडर्स 57,100–57,000 के सपोर्ट जोन के पास खरीदारी के मौके देख सकते हैं,जबकि 58,000–58,200 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है,जहां प्रॉफिट बुकिंग या बिकवाली के मौके बन सकते हैं।

 

Trading Strategy : जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव, 24050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बन सकता है बुलेट ट्रेन

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।