Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : निफ्टी में शामिल शेयरों में विप्रो,जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़,एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन और श्रीराम फाइनेंस सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। दूसरी ओर मैक्स हेल्थकेयर,पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,टेक महिंद्रा और नेस्ले इंडिया ने ट्रेंड के विपरीत बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 4:20 PM
Market Outlook : ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.3% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.7% की गिरावट आई

Market Outlook : 8 जून को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए हैं। सभी सेक्टरों में बिकवाली के कारण निफ्टी 23,200 के स्तर से नीचे बंद हुआ है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 719.08 अंक या 0.97 प्रतिशत गिरकर 73,524.26 पर और निफ्टी 243.70 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 23,123.00 पर बंद हुआ। लगभग 1172 शेयरों में बढ़त हुई,3007 शेयरों में गिरावट आई और 154 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में शामिल शेयरों में विप्रो,जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़,एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन और श्रीराम फाइनेंस सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। दूसरी ओर मैक्स हेल्थकेयर,पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,टेक महिंद्रा और नेस्ले इंडिया ने ट्रेंड के विपरीत बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी और मेटल इंडेक्स का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इनमें 2% से ज्यादा की गिरावट आई। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,IT,मीडिया,इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर,एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव दिखा। इन सभी में सेशन के दौरान 1% से ज्यादा की गिरावट आई।


ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.3% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.7% की गिरावट आई। इससे निवेशकों के बीच जोखिम से बचने के ट्रेंड का पता चलता है।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

निफ्टी व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से ग्लोबल सेंटीमेंट कमजोर हुआ है,जिससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। अब निवेशक AI आधारित तेजी के लंबे समय तक टिके रहने पर सवाल उठाने लगे हैं,इसकी वजह से ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली देखने के मिली है। अमेरिका के मजबूत लेबर डेटा और महंगाई के ऊंचे स्तर पर बने रहने से और अधिक मॉनेटरी टाइटनिंग का जोखिम बढ़ गया है,जिससे बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत हुए हैं। अगर हमारे देश में महंगाई बढ़ती है,तो ऐसी ही स्थिति यहां भी बन सकती है,जिससे पॉलिसी टाइटनिंग की संभावना बढ़ जाएगी।

इस स्थिति में अगर ग्लोबल टेक सेक्टर में गिरावट और गहरी होती है,तो भारत का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप बेहतर रह सकता है,लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़त को सीमित कर सकती है या बाजार को एक दायरे में रख सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के मजबूत जॉब डेटा की वजह से US फ़ेडरल रिज़र्व ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा,जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं। इसलिए, कुछ समय तक ब्याज दरों में कोई बदलाव होने की संभावना नहीं है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22980-22950 जोन में है। अगर निफ्टी लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 22650 और फिर 22500 के लेवल तक जा सकता है। ऊपर की तरफ, निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23270-23300 जोन में है।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि निफ्टी अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है और'लोअर हाई-लोअर लो' स्ट्रक्चर बनाए हुए है। यह एक कमजोर टेक्निकल सेटअप को दिखाता है। निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन 23,100-23,000 के आसपास है,जो अप्रैल की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से मेल खाता है। अगर इंडेक्स इस जोन के नीचे से टूटता है तो 22,700 की तरफ बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ, 23,500 तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। इसके बाद 23,700 के पास अगला रेजिस्टेंस जोन है।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया ने कहा कि जब तक निफ्टी 23,500-23,550 के रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा। तब तक बाजार का शॉर्ट टर्म नजरिया सतर्कता भरा रहेगा। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,100 के आसपास है। अगर यह लगातार इस लेवल के नीचे बना रहता है तो 23,000-22,800 के जोन की तरफ और कमजोरी आ सकती है।

PL कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कसाट ने कहा कि आज बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ग्लोबल स्तर पर कोई अच्छा संकेत न होने और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण बेंचमार्क इंडेक्स ने दिन की शुरुआत गिरावट के साथ की। दिन की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई,क्योंकि इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिसका असर दुनिया भर में निवेशकों के मूड पर निगेटिव रहा। IT,मेटल और ब्याज दरों से जुड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी होने से बाजार को कुछ सपोर्ट मिला। आगे चलकर बाजार की चाल जियोपॉलिटिकल घटनाओं,कच्चे तेल की कीमतों और दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों के बयानों पर निर्भर करेगी।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी आज गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव बना रहा। 54,420–54,470 का जोन दो बार मजबूत इंट्राडे रेजिस्टेंस के तौर पर काम आया,जिससे ऊपर की ओर बढ़त सीमित रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर की तरफ एक लंबी विक (wick) थी। यह ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग और सप्लाई आने का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 53600-53500 के जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 53100 और फिर 52700 के लेवल तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 54500-54600 के जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक छोटी ग्रीन कैंडलस्टिक बनाई है। यह निचले स्तरों पर खरीदारी की आने का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी एक कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है और एक कंजेशन जोन में ही सीमित है। चार्ट पर'लोअर-टॉप'फॉर्मेशन बना हुआ है, जो बताता है कि बड़े ट्रेंड में तेजी का भरोसा नहीं है। रेजिस्टेंस के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट या सपोर्ट के नीचे ब्रेकडाउन ही अगली दिशा तय करेगा।

इंडेक्स को 54,450–54,500 जोन के आस-पास अपने 50-डे मूविंग एवरेज के पास बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। RSI एक रेंज में बना हुआ है,जो मज़बूत मोमेंटम की कमी को दिखाता है। इसलिए,निकट भविष्य के लिए नजरिया साइडवेज बना हुआ है और लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाने की सलाह दी जाती है,जिसमें सपोर्ट 53,500–53,600 और रेजिस्टेंस 54,500–54,800 पर है।

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