EMS share price : EMS में आज जोरदार तेजी बनी हुई है। शेयर इंट्राडे में 15 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ आज का हीरो बना हुआ है। स्टॉक में तेजी की वजह पर नजर डालें तो दिल्ली में हेडक्वार्टर वाली वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर में माहिर इस EPC कंपनी को वाराणसी सीवर नेटवर्क प्रोजेक्ट के लिए L-1 स्टेटस हासिल हुआ है। UP जल निगम (शहरी) से मिले इस कॉन्ट्रैक्ट में नगर निगम वाराणसी के चार वार्डों में टर्नकी बेसिस पर सीवर नेटवर्क बिछाने और घरों को कनेक्शन देने का काम शामिल है। इससे कंपनी की ऑर्डर पाइपलाइन,उत्तर प्रदेश के बढ़ते म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम में और मज़बूत हो गई है।
इस प्रोजेक्ट की वैल्यू 103 करोड़ रुपए है। इस प्रोजेक्ट को 24 महीनों में पूरा किया जाएगा। 31 मार्च तक कंपनी की ऑर्डर बुक 1837 करोड़ रुपए थी। इस बीच EMS ने Q4 नतीजों के बाद हुई कॉनकॉल में बताया कि उसे वाराणसी में जल निगम से अब तक करीब 209 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं। उत्तर प्रदेश में 3 और टेंडर जल्द फाइनल होने की उम्मीद है। दिल्ली जल बोर्ड और महाराष्ट्र में 2,500-3,000 करोड़ रुपए के टेंडर पाइपलाइन में हैं। इस साल 1,500 करोड़ रुपए से ज्यादा के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
1,850.01 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के साथ EMS लिमिटेड के शेयर फिलहाल 333.15 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड करते दिख रहे है। यह पिछले क्लोज़िंग प्राइस 290.85 रुपये से 14.54 प्रतिशत ज़्यादा है। स्टॉक के वैल्यूएशन की बात करें तो यह 17.71 के P/E पर ट्रेड कर रहा है।
EMS लिमिटेड के बिज़नेस का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जल और सीवरेज प्रोजेक्ट्स से आता है। उत्तर प्रदेश की शहरी लोकल बॉडीज़ अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन(AMRUT) के तहत सबसे ज़्यादा टेंडर जारी कर रही हैं। यह मिशन उन शहरों में सीवरेज नेटवर्क बनाने के लिए फंड देता है जिनकी आबादी एक लाख से ज़्यादा है। वाराणसी,एक टियर-1 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और राजनीतिक व धार्मिक रूप से बहुत अहम शहर होने के कारण,शहरी साफ़-सफाई के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च के लिए एक बड़ा सेंटर रहा है। वहां कोई प्रोजेक्ट मिलने से कंपनी के मौजूदा बिनेस में भौगोलिक और क्लाइंट के मामले में डाइवर्सिफ़िकेशन आता है।
EMS लिमिटेड को पहले EMS इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। यह एक मल्टी-डिसिप्लिनरी EPC कंपनी है जिसका हेडक्वार्टर नई दिल्ली में है। यह कंपनी सरकारी संस्थाओं के लिए पानी की सप्लाई,सीवरेज नेटवर्क,सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वेस्टवॉटर मैनेजमेंट से जुड़ी टर्नकी सर्विस देती है। FY26 में कंपनी ने 733 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और 91.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया है। आखिरी उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग 69.7 प्रतिशत है।
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो यह शेयर 1 हफ्ते में 9.02 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 12.44 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। तीन महीने में इसमें 17.67 फीसदी की तेजी आई है। इस साल अब तक इसमें 26.67 फीसदी की कमजोरी आई है। वहीं, 1 साल में यह शेयर 47.18 फीसदी टूटा है।