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Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 27 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market outlook : निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी ऊपर और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.35 फीसदी ऊपर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो FMCG और मेटल को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें PSU बैंक,प्राइवेट बैंक,रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.5-1 फीसदी तक नीचे रहे

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड May 26, 2026 पर 4:43 PM
Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 27 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Outlook : बैंक निफ्टी की शुरुआत पॉज़िटिव रही और शुरू में यह ऊपर भी गया,लेकिन इंट्राडे बेसिस पर 55,500–55,550 के जोन में इसे दो बार रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। इसके बाद ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग हुई,जिससे इंडेक्स नीचे गिर गया

Market outlook : 26 मई (एक्सपायरी का दिन) को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी आज 24000 के नीचे आ गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 479.26 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 76,009.70 पर और निफ्टी 118 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 23,913.70 पर बंद हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स,भारती एयरटेल,TCS,विप्रो और ट्रेंट शामिल रहे। जबकि सबसे ज्यादा फायदा कमाने वाली कंपनियों में अडानी एंटरप्राइजेज,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टेक महिंद्रा,नेस्ले और इटरनल रहे।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी ऊपर और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.35 फीसदी ऊपर बंद हुआ। सेक्टरों की बात करें तो FMCG और मेटल को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें PSU बैंक,प्राइवेट बैंक,रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.5-1 फीसदी तक नीचे रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जो थोड़ी बहुत उम्मीद बनी थी,वह दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सेना के ऑपरेशन की खबरों के बाद तेजी से खत्म हो गई। इससे कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ गईं और रुपये की जो थोड़ी-बहुत बढ़त हुई थी,वह भी खत्म हो गई। महीने के F&O की एक्सपायरी ने तकनीकी बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया,जिससे घरेलू शेयर बाजार नीचे गिरकर बंद हुए। इसके बावजूद,मिड-कैप शेयरों ने मजबूती दिखाई और इंडेक्स सेशन के दौरान अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। यह मजबूती घरेलू कंपनियों की अर्निंग को लेकर लोगों के भरोसे को दिखाती है,जिसे DII (घरेलू संस्थागत निवेशकों) के लगातार निवेश से सपोर्ट मिला। जबकि FII (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की बिकवाली से बाजार का मूड थोड़ा खराब हुआ। हालांकि,वीकली बेसिस पर कच्चे तेल की कीमतें अभी भी कम हैं,जिससे बाजार को लगता है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की काफी संभावना है।

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