Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 7 अप्रैल को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market outlook : बैंकिंग शेयरों ने बाज़ार की रिकवरी को आगे बढ़ाया। इससे निफ्टी बैंक इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। PSU बैंकों ने 2.4 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। प्राइवेट बैंकों में मामूली बढ़त देखने को मिली। ये बाज़ार की इस बड़ी तेज़ी में पीछे रह गए
Market cues : Bank Nifty के ट्रेंड में काफी हद तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसमें ऊपर की ओर आने वाली तेजी को रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जिसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिल रही है
Stock Market : 6 अप्रैल को शुरुआती नुकसान से तेज़ी से उबरने के बाद बाज़ार मज़बूती के साथ बढ़त पर बंद हुए हैं। बाज़ार में लगातार तीसरे सत्र में भी बढ़त जारी रही। सेंसेक्स 787 अंक चढ़कर 74,107 पर पहुंच गया। निफ्टी 255 अंकों की बढ़त के साथ 22,968 पर बंद हुआ। बाजार ने शुरुआती गिरावट से ज़ोरदार वापसी की और दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ। तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच बाज़ार काफ़ी नीचे खुले थे। सत्र के दौरान सूचकांकों में तेज़ी आई। पश्चिम एशिया में संघर्ष-विराम की ख़बरों से बाज़ार का माहौल बेहतर हुआ। बाज़ार बंद होने तक यह सुधार बना रहा।
बैंकिंग शेयरों ने बाज़ार की रिकवरी को आगे बढ़ाया। इससे निफ्टी बैंक इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। PSU बैंकों ने 2.4 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। प्राइवेट बैंकों में मामूली बढ़त देखने को मिली। ये बाज़ार की इस बड़ी तेज़ी में पीछे रह गए।
छोटे-मझोले शेयरों में भी तेजी रही। Nifty Midcap 100 में लगभग 1.5 फीसदी की बढ़त हुई। जबकि Smallcap 100 में 1.3 फीसदी से ज़्यादा का गेन देखने को मिला हुआ। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रही जो व्यापक भागीदारी का संकेत है।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो PSU बैंकों और रियल्टी ने सबसे ज़्यादा बढ़त बनाई। दोनों में 2 फीसदी से ज़्यादा की तेज़ी आई। मेटल्स, ऑटो और FMCG में भी बढ़त देखने को मिली। मीडिया इंडेक्स सपाट बंद हुआ,जबकि IT में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
मार्च तिमाही के मजबूत कारोबारी अपडेट के बाद ट्रेंट 8 फीसदी की बढ़त के साथ निफ्टी में सबसे अधिक लाभ कमाने वाला शेयर बनकर उभरा। गोल्डमैन सैक्स द्वारा रेटिंग अपग्रेड किए जाने के बाद TVS मोटर में 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। लौह अयस्क की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते NMDC 4 फीसदी से अधिक चढ़ा।
ऑयल मार्केटिंग और रिफाइनिंग शेयरों में गिरावट आई। रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में कटौती के बाद चेन्नई पेट्रोलियम और MRPL के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
आज Nifty 22,800 के अहम रेजिस्टेंस लेवल को तोड़ने में कामयाब रहा। ऐसे में बाजार जानकारों का मानना है कि अब इसके लिए अगला अहम लेवल 23,000 का होगा।
कुल मिलाकर बाजार का रुझान अभी भीकमजोर बना हुआ है। पिछले एक महीने में Nifty में 6 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई है। इस साल अब तक इसमें 12 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। हाल के हफ्तों में निफ्टी ज्यादातर 22,000–23,800 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा है।
पेस 360 के चीफ़ ग्लोबल स्ट्रेटेजिस्ट अमित गोयल का कहना है कि निफ्टी के 22,000 के नीचे जाने की संभावना कम लगती है,क्योंकि 22,500 और 22,000 के स्ट्राइक स्तरों पर पुट राइटिंग काफ़ी ज़्यादा हुई है। उन्होंने आगे कहा कि Nifty में एक निर्णायक ब्रेकआउट के लिए Bank Nifty को 56,000 के स्तर से ऊपर बंद होना होगा। Bank Nifty इंडेक्स एक महीने में 9.5 फीसदी गिर गया है और इस साल अब तक इसमें 12 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
Enrich Money के CEO, पोनमुडी आर (Ponmudi R) ने कहा कि चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। ऐसे में बाज़ार में हर बार जो उछाल आता है,उसे लगातार रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। 22,800 का ज़ोन एक तत्काल सप्लाई एरिया के तौर पर उभर रहा है, जबकि 23,000 का स्तर किसी भी बड़ी रिकवरी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक इंडेक्स 23,000 के ऊपर मज़बूती से बंद नहीं होता तब तक तेज़ी की गुंजाइश सीमित रहने और बाजार के बिकवाली के दबाव का सामना करने की संभावना है।
वहीं,किसी गिरावट पर निफ्टी के लिए 22,400 के स्तर को एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। अगर यह स्तर टूटता है,तो गिरावट तेज़ी से बढ़कर 22,300–22,200 के ज़ोन तक पहुंच सकती है। बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर है। ऐसे में किसी भी तेज़ी को लगातार खरीदारी का सपोर्ट मिलने के बजाय, उछाल पर बिकवाली हावी हो जा रही है।
बैंक निफ्टी व्यू
Bank Nifty के ट्रेंड में काफी हद तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसमें ऊपर की ओर आने वाली तेजी को रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जिसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। 51,800–52,000 का दायरा एक मज़बूत रेजिस्टेंस जोन के रूप में उभरा है,जो बढ़त को सीमित कर रहा है और Bank Nifty इंडेक्स को वापस 51,100 के लेवल की ओर धकेल रहा है।
पोनमुडी ने कहा कि 51,000 के स्तर से नीचे की निर्णायक गिरावट बिकवाली के दबाव को बढ़ा सकती है,जिससे इंडेक्स 50,700–50,600 के स्तरों की ओर फिसल सकता है। अगर कमज़ोरी बनी रहती है तो यह 50,000 तक भी गिर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर एक टिकाऊ ब्रेकआउट ही मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर को बदल सकता है। तब तक,बीच-बीच में होने वाली रिकवरी के कमज़ोर बने रहने की संभावना है और बाज़ार का सेंटिमेंट सतर्क से लेकर थोड़ा बेयरिश रह सकता है।
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