Market outlook : जोरदार तेजी लेकर बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 13 अप्रैल को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Market outlook : सेंट्रम ब्रोकिंग के नीलेश जैन का कहना है कि बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है। ऐसे में शॉर्ट-कवरिंग की एक और रैली इंडेक्स को शॉर्ट टर्म में 24,300–24,500 के ज़ोन की ओर ले जा सकती है। बेस लगातार ऊपर की ओर शिफ्ट हो रहा है। अब निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,800 के लेवल के आस-पास है
Market cues : इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल इक्विटी मार्केट में आए तेज उछाल का घरेलू इक्विटी बेंचमार्क पर भी पॉज़िटिव असर पड़ा
Stock market today : पिछले सत्र की कमज़ोर क्लोजिंग के बाद, 10 अप्रैल को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने ज़ोरदार वापसी की और मज़बूत बढ़त के साथ बंद हुए। भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी के सकारात्मक संकेतों से बाजार को सपोर्ट मिला। बाजार आज बढ़त के साथ खुला और IT सेक्टर को छोड़कर, सभी सेक्टरों में बड़े पैमाने पर खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी की वजह से Nifty 50 इंडेक्स इंट्राडे में 24,074.05 के स्तर तक पहुंच गया और फिर दिन के हाई के करीब बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में Sensex 918.60 अंक या 1.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,550.25 पर और Nifty 275.50 अंक या 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,050.60 पर बंद हुआ।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, ICICI बैंक, बजाज ऑटो और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। वहीं, नुकसान उठाने वाले शेयरों में कोल इंडिया, सन फार्मा, Infosys, TCS और Tech Mahindra शामिल रहे। सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, पावर, FMCG, PSU बैंक, मेटल और प्राइवेट बैंक में 1-2% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि IT इंडेक्स में 1.7% की गिरावट आई। ब्रॉडर इंडेक्सो ने बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
वीकली बेसिस पर देखें तो इस सप्ताह, BSE सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़त हुई। यह फरवरी 2021 के बाद से इनका सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। इसके साथ ही छह सप्ताह से जारी गिरावट का सिलसिला भी टूट गया।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
सेंट्रम ब्रोकिंग के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट (इक्विटी रिसर्च) हेड नीलेश जैन का कहना है कि पिछले सेशन में थोड़े से ठहराव के बाद, बुल्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है। इसके चलते निफ्टी 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बंद हुआ है। बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है। ऐसे में शॉर्ट-कवरिंग की एक और रैली इंडेक्स को शॉर्ट टर्म में 24,300–24,500 के ज़ोन की ओर ले जा सकती है। बेस लगातार ऊपर की ओर शिफ्ट हो रहा है। अब निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,800 के लेवल के आस-पास है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स भी मज़बूती का संकेत दे रहे हैं, क्योंकि RSI 50 के लेवल से ऊपर चला गया है। इस बीच, वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX इस हफ़्ते में 25% गिरा है और 19 के लेवल के करीब पहुँच गया है। वोलैटिलिटी में और नरमी आने से बुल्स को और ज़्यादा राहत मिलने की संभावना है।
Thincredblu Securities के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि Nifty ने अपनी बढ़त जारी रखी और लगभग 24,050 पर बंद हुआ। इसमें लगभग 270 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। यह हालिया कंसोलिडेशन (एक दायरे में उतार-चढ़ाव) के बाद मज़बूत फॉलो-थ्रू खरीदारी का संकेत है। पूरे सेशन के दौरान इंडेक्स अहम स्तरों से ऊपर बना रहा, जिससे इसकी पॉजिटिव बनावट और मज़बूत हुई। इससे यह भी पता चलता है कि गिरावट आने पर निवेशक सक्रिय रूप से खरीदारी कर रहे हैं। इस चाल से शॉर्ट टर्म के लिए तेज़ी का माहौल बना हुआ है।
तकनीकी तौर पर, Nifty अब 24,100–24,200 के रेजिस्टेंस ज़ोन (रुकावट वाले दायरे) के करीब पहुंच रहा है। अगर इंडेक्स इस दायरे से ऊपर निर्णायक रूप से बढ़ता है, तो यह और ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है। दूसरी ओर इसके लिए तत्काल सपोर्ट अब 23,800–23,900 के दायरे में आ गया है। मौजूदा मज़बूती को बनाए रखने के लिए इस स्तर का टिके रहना ज़रूरी है।
कुल मिलाकर, बाज़ार का रुझान पॉजिटिव बना हुआ है, और 'गिरावट आने पर खरीदारी' (buy on dips) की रणनीति अपनाने वाले निवेशकों को लगातार फ़ायदा मिल रहा है। आगे चलकर, ट्रेडर्स को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि रेजिस्टेंस स्तर के पास इंडेक्स का बर्ताव कैसा रहता है। साथ ही, उन्हें किसी भी ऐसे वैश्विक संकेत (global cues) को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए जो बाज़ार के माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि Nifty आज पॉजिटिव जोन में बना रहा। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मिडिल ईस्ट शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों से सहारा मिला। ऑवरली चार्ट पर, इंडेक्स 200 SMA से लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। यह बुलिश ट्रेंड के लिए बेहतर होते माहौल की पुष्टि करता है। डेली टाइमफ्रेम पर, RSI बुलिश क्रॉसओवर में है और लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। यह भी मजबूत होते मोमेंटम का संके है। शॉर्ट टर्म में, ट्रेंड पॉजिटिव बना रह सकता है। दूसरी ओर, अगर वीकेंड तक कोई ठोस शांति समझौता नहीं हो पाता है, तो मार्केट नेगेटिव प्रतिक्रिया दे सकता है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,800 पर है, जिसके नीचे इंडेक्स निचले स्तरों की ओर गिर सकता है। ऊपर की ओर, 24,300–24,350 का ज़ोन रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है।
इक्विरस वेल्थ (Equirus Wealth) के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल इक्विटी मार्केट में आए तेज उछाल का घरेलू इक्विटी बेंचमार्क पर भी पॉज़िटिव असर पड़ा। बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी शेयरों में जबरदस्त तेजी ने पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान बाजार में जोश बनाए रखा। हालांकि सावधानी बरतना अब भी जरूरी रहेगा, लेकिन सभी की नजरें ईरान-US के बीच सीज़फ़ायर पर वीकेंड पर होने वाली मीटिंग के नतीजों पर टिकी रहेंगी। जैसे-जैसे नतीजों के में तेजी आ रही है, निवेशकों का फोकस उन शेयरों पर रहेगा जिन पर पश्चिम-एशियाई संघर्ष के चलते तेल की कीमतों में आए उछाल का सबसे कम असर पड़ा है।
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि Bank Nifty के वीकली चार्ट पर एक मज़बूत बुलिश कैंडलस्टिक बेहतर होते सेंटिमेंट को दिखाता है, जबकि डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने 200 SMA के आस-पास घूम रहा है। यह एक पक्के ब्रेकआउट के बजाय रिकवरी के दौर का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स एक बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहे हैं, जो शॉर्ट टर्म में पॉज़िटिव रुझान बने रहने का संकेत है।
इंडेक्स के 57,000 के आस-पास स्थित 50 डे SMA को टेस्ट करने की संभावना है। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 56,200 के आस-पास है, जो 38.2% Fibonacci लेवल के साथ मेल खाता है। जबकि सपोर्ट 55,300 के आस-पास नजर आ रहा है, जो गिरावट आने पर कुशन का काम कर सकता है।
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