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Market outlook : सेंसेक्स -निफ्टी करीब 3% टूट कर हुए बंद, जानिए 6 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Share market today : सोमवार को बाजार में भारी गिरावट आई। कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। गिरावट के साथ शुरुआत के बाद, निफ्टी पूरे दिन गिरता रहा। निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में टाटा मोटर्स, अडानी पोर्ट्स, ओएनजीसी, हिंडाल्को, टाटा स्टील शामिल रहे

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2024 पर 4:33 PM
Market outlook : सेंसेक्स -निफ्टी करीब 3% टूट कर हुए बंद, जानिए 6 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Equity Market : बैंक निफ्टी भी 50440 के पिछले स्विंग लो को पार कर गया है और इसके नीचे बंद हुआ है। ये गिरावट जारी रहने का संकेत है

Stock markets: ग्लोबल बाजार मे आई गिरावट के चलते सेंसेक्स-निफ्टी भी आज 5 अगस्त को करीब 3 फीसदी की गिरावट लेकर बंद हुए हैं। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 3.5 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 4 फीसदी की गिरावट आई है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 2,222.55 अंक या 2.74 फीसदी की गिरावट के साथ 78,759.40 पर और निफ्टी 662.10 अंक या 2.68 फीसदी की गिरावट के साथ 24,055.60 पर बंद हुआ है। आज लगभग 471 शेयरों में तेजी आई, 3082 शेयरों में गिरावट आई और 88 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में टाटा मोटर्स, अडानी पोर्ट्स, ओएनजीसी, हिंडाल्को, टाटा स्टील शामिल रहे। जबकि सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एचयूएल, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर और एचडीएफसी लाइफ शामिल रहे। ऑटो, मेटल, कैपिटल गुड्स, ऑयल एंड गैस, पावर, मीडिया, रियल्टी इंडेक्स में 4 फीसदी तक की गिरावट के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 3.6 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 4.2 फीसदी की गिरावट आई।

6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि आज सोमवार को बाजार में भारी गिरावट आई। कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। गिरावट के साथ शुरुआत के बाद, निफ्टी पूरे दिन गिरता रहा। इस क्रम में ये 23,950 पर स्थित 50 डे ईएमए सपोर्ट जोन को भी कुछ समय के लिए पार कर गया, फिर सुधरकर 24,055.60 के स्तर पर बंद हुआ। आगे चलकर, हमें कई ग्लोबल परेशानियों के कारण बाजार में भारी वोलैटिलिटी के साथ दबाव देखने को मिल सकता है। ग्लोबल बाजार के लिए येन कैरी ट्रेड्स की समाप्ति, अमेरिका में मंदी की आशंका और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव बड़ी दिक्कतें पैदा कर रहे हैं।

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