Stock market : 11 फरवरी को रेंजबाउंड सेशन में इंडियन इक्विटी इंडेक्स फ्लैट नोट पर बंद हुए हैं। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 40.28 अंक या 0.05 फीसदी गिरकर 84,233.64 पर और निफ्टी 18.70 अंक या 0.07 फीसदी बढ़कर 25,953.85 पर बंद हुआ है। आज लगभग 1882 शेयर बढ़े, 2165 शेयर गिरे और 148 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं।
निफ्टी पर आयशर मोटर्स,अपोलो हॉस्पिटल्स,मैक्स हेल्थकेयर,SBI और मारुति सुजुकी बड़े गेनर्स में से रहे। जबकि लूज़र्स में कोल इंडिया, TCS, HCL टेक्नोलॉजीज, इटरनल और इंफोसिस शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स फ्लैट बंद हुए। सेक्टोरल फ्रंट पर ऑटो इंडेक्स 1.3% बढ़ा, PSU बैंक और फार्मा 1-1% बढ़े, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 0.5% बढ़ा। जबकि IT इंडेक्स 1% गिरा।
स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन की बात करें तो आयशर मोटर्स के शेयर 6.5% बढ़े। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज़ में 2.6% की तेजी दिखी। अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज़ के शेयर 4% भागे। इंडोनेशियाई सब्सिडियरी को ऑर्डर मिलने के बाद टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल के शेयर भी 3% बढ़े।गुजरात नर्मदा वैली फ़र्टिलाइज़र्स एंड केमिकल्स के शेयर 2% गिरे। वहीं, MIC इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर ऑर्डर मिलने पर 2% बढ़े। अवांटेल के शेयर 122.58 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने पर 2% उछले।
120 से ज़्यादा स्टॉक्स ने अपने 52-हफ़्ते के सबसे ऊंचे लेवल को छुआ। इनमें आयशर मोटर्स, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, फ़ोर्स मोटर्स, अशोक लेलैंड, SBI, इंडस टावर्स, APL अपोलो, KEI इंडस्ट्रीज़, मैक्स फ़ाइनेंशियल, SAIL, टोरेंट फ़ार्मा, भारत फ़ोर्ज, नायका, टाइटन कंपनी, ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ और MRPL वगैरह शामिल रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि US-इंडिया ट्रेड डील की वजह से इस हफ़्ते की ज़बरदस्त तेज़ी के बाद घरेलू शेयर बाज़ार थोड़े समय के लिए कंसोलिडेशन फ़ेज़ में जा सकते हैं। मार्केट का फोकस फिर से Q3 नतीजों,आने वाले महीने के महंगाई के डेटा और ट्रेड एग्रीमेंट की डिटेल्स पर रहेगा जो जल्द ही फ़ाइनल होने वाला है।
उन्होंने आगे कहा कि US के कमज़ोर रिटेल सेल्स आंकड़ों और AI से जुड़ी दिक्कतों की वजह से ग्लोबल मार्केट में सतर्क का माहौल दिख रहा है। US में रोज़गार डेटा आने से पहले निवेशक रिस्क लेने से बच रहे हैं। घरेलू बाज़ारों को FII फ़्लो में सुधार से फ़ायदा होने लगा है। GDP अनुमान में बढ़ोतरी और भारत के वैल्यूएशन में कमी की वजह से बाजार विदेशी निवेश जारी रहने की उम्मीद है।
बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि इन्वेस्टर्स Q3 अर्निंग्स, BHEL OFS सप्लाई और ग्लोबल ट्रेड डेवलपमेंट्स पर नजरें रखे हुए हैं। ऐसे में शॉर्ट टर्म में बाजार में कंसोलीडेशन जारी रह सकता है। हालांकि,मीडियम टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। मीडिम टर्म के नजरिए से देखें तो बाजार को स्टेबल घरेलू ग्रोथ और इंस्टीट्यूशनल फ्लो से सपोर्ट मिलेगा। ऐसे में हमें क्वालिटी बैंक, कंजम्प्शन और चुनिंदा मैन्युफैक्चरिंग शेयरों पर फोकस बनाए रखना चाहिए।
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