Market outlook : सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 26 फरवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Stock market today:मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में बढ़त की वजह से एक ही सेशन में इन्वेस्टर्स को 1 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का फायदा हुआ। BSE-लिस्टेड फर्मों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 465.6 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 467 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा हो गया
Market cues : कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का मानना है कि इंट्राडे मार्केट का टेक्सचर कमजोर रहा,लेकिन नई बिकवाली तभी मुमकिन है जब निफ्टी 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज या 25,300 के नीचे चला जाए
Stock market : मार्च सीरीज़ के पहले दिन बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुए। निफ्टी आज 25 फरवरी को 25,500 के नीचे बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 50.15 अंक या 0.06 प्रतिशत बढ़कर 82,276.07 पर और निफ्टी 57.85 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 25,482.50 पर बंद हुआ। आज लगभग 1966 शेयर बढ़े, 2064 शेयर गिरे और 161 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
SBI,ITC,भारती एयरटेल,अडानी पोर्ट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी के टॉप लूज़र्स में रहे। जबकि टाटा स्टील, HCL टेक्नोलॉजीज, बजाज ऑटो, श्रीराम फाइनेंस और अडानी एंटरप्राइजेज निफ्टी के टॉप गेनरों में रहे। ब्रॉडर इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
सेक्टोरल इंडोक्सों पर नजर डालें तो ऑटो,हेल्थकेयर,IT,मेटल और फार्मा 1-2 फीसदी ऊपर बंद हुए हैं। जबकि टेलीकॉम इंडेक्स 1 फीसदी नीचे बंद हुआ है। FMCG और PSU बैंक में 0.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में बढ़त की वजह से एक ही सेशन में इन्वेस्टर्स को 1 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का फायदा हुआ। BSE-लिस्टेड फर्मों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 465.6 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 467 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा हो गया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अच्छे ग्लोबल संकेतों और AI से जुड़ी अनिश्चितता कम होने से US टेक स्टॉक्स में तेजी आई। इसके चलते भारतीय मार्केट गैप अप के साथ खुले। इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान से मिले नरम संकेतों ने रीजनल सेंटिमेंट को सपोर्ट किया। इससे एशियाई मार्केट मजबूत रहे। हालांकि, US प्रेसिडेंट के टैरिफ पर नए कमेंट्स से ग्लोबल ट्रेड की चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। ऐसे में रुपए में गिरावट के साथ दिन की बढ़त सीमित हो गई। अब आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान जैसे जियोपॉलिटिकल टेंशन के साथ ही AI और टैरिफ से जुड़ी खबरों की अहम भूमिका हो सकती है।
थिनक्रेडब्लू (Thincredblu) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी में आज एक और उतार-चढ़ाव वाला सेशन देखने को मिला। शुरुआती ट्रेड में इंडेक्स करीब 225 अंक बढ़कर 25,652 के हाई पर पहुंच गया। लेकिन मोमेंटम बनाए रखने में नाकाम रहा और धीरे-धीरे बढ़त गंवाकर करीब 50 अंक ऊपर 25,475 पर बंद हुआ। हाई के पास रिजेक्शन यह दिखाता है कि 25,650–25,800 ज़ोन में सप्लाई बनी हुई है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,400–25,350 पर है। जबकि, रेजिस्टेंस 25,800–25,850 पर बना हुआ है।
टेक्निकली,निफ्टी एक साइडवेज़ रेंज में बना हुआ है,जिसमें न तो बुल्स और न ही बेयर्स साफ कंट्रोल बना पा रहे हैं। मौजूदा रेजिस्टेंस से आगे एक बड़ा मूव या सपोर्ट से नीचे ब्रेकडाउन शायद अगला ट्रेंड तय करेगा। ऐसे में जब तक कोई ब्रेकआउट नहीं होता, ट्रेडर्स को रेंज-बाउंड वोलैटिलिटी की उम्मीद करनी चाहिए और तेज इंट्राडे मूव्स का पीछा करने से बचना चाहिए।
मार्केट एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि निफ्टी का 25,670 से ऊपर न जा पाना भी मार्केट में उछाल पर बिकवाली का एक कारण हो सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है निफ्टी को मजबूती पक्की करने के लिए 25670 से ऊपर लगातार ट्रेड करना होगा ऐसा होने पर इसका पहला टारगेट 25900 का होगा। लेकिन,25530 से ऊपर न टिक पाने पर रफ़्तार में कमी आ सकती है।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का मानना है कि इंट्राडे मार्केट का टेक्सचर कमजोर रहा,लेकिन नई बिकवाली तभी मुमकिन है जब निफ्टी 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) या 25,300 के नीचे चला जाए। अगर निफ्टी इस लेवल से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 25,500-25,650 तक वापसी कर सकता है। इसके उलट, अगर यह 25,300 से नीचे गिरता है, तो इसमें 25,150-25,050 तक की गिरावट आ सकती। अभी मार्केट का टेक्सचर वोलाटाइल है। ऐसे में डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे बेहतर स्ट्रेटेजी होगी।
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