Stock market : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 19 जनवरी को गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी आज 25,600 से नीचे रहा। क्लोजिंग पर, सेंसेक्स 324.17 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 83,246.18 पर और निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,585.50 पर बंद हुआ। आज लगभग 1122 शेयरों में तेज़ी आई, 2795 शेयरों में गिरावट आई और 169 शेयर अपरिवर्तित रहे।
निफ्टी के सबसे बड़े लूज़र विप्रो, इटरनल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मैक्स हेल्थकेयर रहे। जबकि गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, HUL और मारुति सुजुकी शामिल रहे। FMCG को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। मीडिया, ऑयल एंड गैस, रियल्टी 1.5-2 प्रतिशत नीचे क्लोज हुए हैं। BSE मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि हालांकि निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA से नीचे ट्रेड कर रहा है, लेकिन यह 200-डे EMA से ऊपर बना हुआ है, जिससे मीडियम-टर्म का रुझान पॉजिटिव बना हुआ है। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 25,875 पर है, इसके बाद 26,000 और 26,100 पर अगले रेजिस्टेंस है। जबकि, इसके लिए अहम सपोर्ट लेवल 25,600 और 25,450 पर नजर आ रहे हैं।
हितेश टेलर ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी के लिए 59,750 से नीचे का ब्रेक 59,550–59,150 ज़ोन की ओर एक करेक्टिव मूव को ट्रिगर कर सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 60,350, 60,500 और 60,700 के लेवल पर रेजिस्टेंस हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आठ यूरोपीय देशों के खिलाफ नए टैरिफ के ऐलान के बाद ग्लोबल मार्केट में कमजोरी आई। ट्रंप के ऐलान से अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच संभावित ट्रेड विवाद की चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। इसके चलते निवेशकों ने सोने जैसे सुरक्षित एसेट की ओर फिर से रुख कर लिया। इस बीच,कुछ एशियाई बाजारों,खासकर चीन ने अनुकूल मैक्रो इंडिकेटर्स और उम्मीद से बेहतर एक्सपोर्ट बेस्ड GDP ग्रोथ के कारण तुलनात्मक रूप से मजबूती दिखाई।
घरेलू बाजार की बात करें तो FII की तरफ से हो रही लगातार निकासी के बीच सेंटीमेंट में सतर्कता बनी हुई है। तीसरी तिमाही के नतीजों के सीजन के आगे बढ़ने के साथ स्टॉक स्पेसिफिक वोलैटिलिटी की संभावना है। कुल मिलाकर, ग्लोबल अनिश्चितता और घरेलू ट्रिगर्स के मिलेजुले असर को देखते हुए, बाजारों के कंसोलिडेशन ज़ोन में रहने की उम्मीद है।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना रहा, इंडेक्स पूरे सेशन में 20 EMA से नीचे रहा। इंट्राडे वोलैटिलिटी बनी रही और हर बढ़त पर बिकवाली हुई। RSI बियरिश क्रॉसओवर में बना रहा और इंडेक्स के कई दिनों के निचले स्तर पर बंद होने के साथ इसमें गिरावट जारी रही। इंडिया VIX में बढ़ोतरी से पता चलता है कि बाजार में डर बढ़ा हुआ है। शॉर्ट टर्म में, इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है। निफ्टी के लिए संभावित डाउनसाइड टारगेट 25,200 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 25,700 के पास है।
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