Market today : 6 मार्च को उतार-चढ़ाव वाले सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,450 पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 फीसदी गिरकर 78,918.90 पर और निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 फीसदी गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ। लगभग 1813 शेयर बढ़े, 2217 शेयर गिरे, और 169 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। निफ्टी में शामिल कंपनियों में, ICICI बैंक, इटरनल, श्रीराम फाइनेंस, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूज़र रहे, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, NTPC, ONGC और सन फार्मा मुख्य गेनर्स के तौर पर उभरे।
सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले नोट पर बंद हुए। ऑटो, रियल्टी, PSU बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1-2 फीसदी की गिरावट आई। दूसरी ओर, डिफेंस इंडेक्स में लगभग 3 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि कैपिटल गुड्स इंडेक्स में 1.3 फीसदी और पावर इंडेक्स में 0.4 फीसदी की बढ़त हुई। ब्रॉडर इंडेक्स में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.7 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 फीसदी गिरा।
BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 453 लाख करोड़ रुपए से घटकर 450 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे एक ही सेशन में इन्वेस्टर्स को 3 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि पिछले दिन का टारगेट हासिल करने के बाद निफ्टी में कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कल का 24,840 का टारगेट हासिल करने के बाद अब कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न बनने से हमें आगे तेजी की संभावना दिख रही है। निफ्टी के लिए शॉर्ट टर्म टारगेट 25,000–25,150–25,480 पर दिख रहा है। वहीं, अगर निफ्टी 24,530 से ऊपर टिकने में कामयाब नहीं रहता तो इसमें 24,000–23,550 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल पुलबैक फॉर्मेशन के जारी रहने का संकेतहै। ट्रेडर्स के लिए, 24,600-24,500 मुख्य सपोर्ट ज़ोन के तौर पर काम करेगा। इन लेवल से ऊपर, मार्केट 24,950-25,000 की ओर बढ़ सकता है। दूसरी ओर, 24,500 से नीचे जाने पर सेंटिमेंट बदल सकता है। इस लेवल से नीचे, मार्केट फिर से 24300 के लेवल की ओर जा सकता है।
बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इन्वेस्टर घरेलू कॉर्पोरेट न्यूज़, ग्लोबल मैक्रो सिग्नल और करेंसी की चाल के मिले-जुले असर पर नजर रखेंगे। डिफेंस सेक्टर में तेज़ी कैपिटल गुड्स और सरकारी खर्च से जुड़े स्ट्रेटेजिक सेक्टर में निवेश के खास मौके की ओर इशारा कर रही है। निवेशकों को FII के एक्शन, रुपये की चाल और किसी भी पॉलिसी अनाउंसमेंट पर नज़र रखनी चाहिए जो बाजार के लिए ट्रिगर का काम कर सकते हैं।
बाजार में सावधानी बरतने की जरूरत है। डिफेंस, IT और एनर्जी में क्वालिटी लार्ज-कैप और चुनिंदा मिड-कैप शेयरों पर फोकस करें। ग्लोबल मार्केट में किसी भी बदलाव के प्रति अलर्ट रहें।
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