Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 22 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook : बिकवाली के दबाव के कारण निफ्टी 22,650 के स्तर से नीचे आ गया। ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे,जिनमें से प्रत्येक में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, आईटी शेयरों में आई तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को दिन के निचले स्तरों से उबरने में मदद की
Market Outlook:डेली चार्ट पर एक लंबी 'बेयर कैंडल' बनी है, जिसमें ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो हैं। मार्केट की यह हलचल संकेत देती है कि 23100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास से बिकवाली का दबाव आ रहा है
Market Outlook : बुधवार, 21 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में दबाव में रहे। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कॉरपोरेट नतीजों को लेकर बनी चिंताओं के कारण ज्यादातर क्षेत्रों में बिकवाली रही। बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई और शुरुआती कुछ घंटों तक यह हरे रंग में रहा,लेकिन बाद में आई मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) के कारण सारी बढ़त खत्म हो गई।
बिकवाली के दबाव के कारण निफ्टी 22,650 के स्तर से नीचे आ गया। ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे,जिनमें से प्रत्येक में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, आईटी (IT) शेयरों में आई तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को दिन के निचले स्तरों से उबरने में मदद की, जिससे आज के सेशन का समापन दिन के सबसे निचले स्तरों से ऊपर हुआ।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 पर और निफ्टी 77.60 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 22,811.35 पर बंद हुआ।
ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
निफ्टी में बजाज फाइनेंस, आयशर मोटर्स, एटरनल, बीएसई और बजाज ऑटो सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में तेजी रही।
सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो IT इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मीडिया, मेटल, फार्मा, रियल्टी और प्राइवेट बैंक 1-2 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आज भारतीय बाजार की शुरुआत तो मज़बूत रही, लेकिन दिन के अंत में यह गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 143 अंक गिरकर 73,709 के स्तर पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 78 अंक गिरकर 22,811 पर बंद हुआ।
बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा,वहीं डिफेंस शेयरों में भी भारी गिरावट आई। कम मार्जिन के चलते विशाल मेगा मार्ट के शेयरों में 6% की गिरावट आई,जबकि दूसरी तिमाही के मुनाफे में सालाना आधार पर 44.5% की कमी आने के बाद SML महिंद्रा के शेयरों में 10% का लोअर सर्किट लग गया। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब होने से भी बाजार में सतर्कता बनी रही। इसके अलावा,जियो प्लेटफॉर्म्स के बड़े IPO की वजह से भी बाजार से फंड दूसरी तरफ जा सकता है।
IT शेयरों में मजबूती दिखी और निफ्टी IT इंडेक्स आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इंफोसिस और TCS के शेयरों में तेजी आई, जबकि L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज के शेयरों में 15% का उछाल आया। कंपनी ने दूसरी तिमाही (Q2FY27) में सालाना आधार पर 66.8% मुनाफा वृद्धि दर्ज की गई,जिसमें वन-टाइम गेन का भी योगदान रहा।
RBI के उपायों के चलते रुपया मज़बूत होकर 94.49 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले छह हफ्तों में इसका सबसे उच्च स्तर है। आगे चलकर,हम बाज़ार की दिशा समझने के लिए IPO सब्सक्रिप्शन, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों की तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों ने मजबूत शुरुआती बढ़त खो दी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं को लेकर बनी उम्मीद पर ग्रहण लगा दिया। ऑटो, फाइनेंशियल, मेटल और रियल एस्टेट शेयरों में तेज मुनाफावसूली आई। महंगाई और मार्जिन पर दबाव को लेकर बनी चिंताओं ने इन शयरों पर दबाव बनाया। वहीं, आईटी सेक्टर में बेहतर आय अनुमान और निवेशकों की इस सेक्टर में फिर से बढ़ती रुचि के कारण मजबूती देखने को मिली।
दूसरी तिमाही के अच्छे नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेश में मजबूती से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन बाजार की कमजोर स्थिति और लगातार हो रही विदेशी निवेशकों की बिकवाली सतर्कता का माहौल बना रही है। निकट भविष्य में बाजार की दिशा आय अनुमानों, व्यापार वार्ताओं की प्रगति और विदेशी निवेश पर निर्भर करेगी। कच्चे तेल में नरमी,ग्लोबल ब्याज दरों में कमी और मुद्रा में स्थिरता आने पर बाजार में तेजी आती दिखेगी।
HDFC सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि सोमवार को 23100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल से तेज गिरावट के बाद, बुधवार को निफ्टी अपने इंट्राडे उछाल को कायम नहीं रख सका और उतार-चढ़ाव के बीच इसमें और कमजोरी देखने को मिली। बुधवार की इस कमजोरी के साथ मार्केट की ओवरऑल स्थिति भी निगेटिव रही और मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप जैसे ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई।
डेली चार्ट पर एक लंबी 'बेयर कैंडल' बनी है, जिसमें ऊपर और नीचे दोनों तरफ शैडो (विक) हैं। मार्केट की यह हलचल संकेत देती है कि 23100 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास से बिकवाली का दबाव आ रहा है, जबकि 22600 के आसपास थोड़ी खरीदारी भी देखने को मिली है।
'चेंज इन पोलैरिटी' के सिद्धांत के अनुसार, निफ्टी अभी 22750-22700 के उस सपोर्ट लेवल के बिल्कुल करीब है,जो पहले एक रेजिस्टेंस हुआ करता था। अगर निफ्टी इस सपोर्ट के नीचे और कमजोर होता है तो आने वाले समय में यह गिरकर 22300-22200 के निचले स्तर तक जा सकता है। हालांकि,अगर इसमें कोई उछाल आता है तो 23000-23100 के स्तर के आसपास इसे एक मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
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