Market Outlook : 16 अप्रैल को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली नुकसान के साथ बंद हुए। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 122.56 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 77,988.68 पर और निफ्टी 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,196.75 पर बंद हुआ। लगभग 2688 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई,1468 शेयरों में गिरावट आई और 128 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में HDFC Bank, ONGC, HDFC Life, Titan Company और Apollo Hospitals शामिल रहे। जबकि बढ़त बनाने वाले शेयरों में Hindalco Industries, Trent, Adani Enterprises, Adani Ports और Eternal शामिल रहे।
सेक्टरों की बात करें तो IT,कैपिटल गुड्स और मेटल इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई जबकि ऑटो,बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ।
जानिए आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि निफ्टी को 24,400 के स्तर के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और इसमें कुछ बिकवाली का दबाव देखने को मिला। आज यह लगभग 35 अंकों की गिरावट के साथ 24,200 के स्तर के आसपास बंद हुआ। रेजिस्टेंस लेवल से हुई वापसी इस बात का संकेत है कि इंडेक्स अभी भी ऊंचे स्तरों पर टिके रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।
आज के प्राइस एक्शन से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में हमें सावधानी बरतनी चाहिए,क्योंकि हालिया तेज़ी के बाद बाज़ार अब एक कंसोलीडेशन या मामूली करेक्शन के दौर में प्रवेश कर सकता है।
तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी के लिए 24,400 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस लेवल के पार होने पर ही बाजार में तेजी आएगी। नई लॉन्ग पोजीशन के लिए इस दीवार के टूटने का इंतजार करना ही सही रहेगा। वहीं, नीचे की और निफ्टी के लिए 23,800 के स्तर पर मज़बूत सपोर्ट दिख रहा है। निफ्टी के लिए इसे बनाए रखना बेहद अहम होगा। ट्रेडर्स को लॉन्ग पोजीशन्स को लेकर सतर्क रहना चाहिए और मौजूदा स्तरों पर आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गैप-अप शुरुआत के बाद आज इंडेक्स में गिरावट आई और यह 24,300 के ऊपर टिक नहीं पाया। निफ्टी इंट्राडे में गिरकर 24,100 के स्तर तक पहुंच गया। एक उतार-चढ़ाव भरे सत्र के अंत में यह 50 EMA के आसपास बंद हुआ।
बाजार का शॉर्ट टर्म रुझान अनिश्चित बना हुआ है,क्योंकि निफ्टी 24,300 के रेजिस्टेंस लेवल को निर्णायक रूप से पार करने में असफल रहा है। हालांकि,अगर अगले सत्र में यह मज़बूती के साथ 24,300 के ऊपर जाता है,तो निकट-अवधि में टिकाऊ तेज़ी देखने को मिल सकती है। ऐसा न होने पर प्रॉफ़िट बुकिंग का एक तेज़ दौर शुरू हो सकता है,जो इंडेक्स को नीचे खींचकर 24,000 के स्तर तक ले जा सकता है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स,बैंक निफ्टी लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में भी दबाव में रहा और फ्रंटलाइन इंडेक्स के मुकाबले इसका प्रदर्शन कमज़ोर रहा। यह 0.38% की गिरावट के साथ 56086 के स्तर पर बंद हुआ।ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ छोटी शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच खींचतान का संकेत देती है और हालिया तेज़ी के बाद शॉर्ट टर्म अनिश्चितता के दौर को दर्शाती है।
तकनीकी नज़रिए से, 56500–56600 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर 56600 के निशान के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो इससे नई तेज़ी आ सकती है और पुलबैक बढ़कर 57200 तक पहुंच सकता है। जिसके बाद शॉर्ट टर्म में 57700 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर तत्काल सपोर्ट 55600–55500 के ज़ोन में मौजूद है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।