Stock market : फ्रंटलाइन इंडेक्स,सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार,14 जनवरी को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता,मिले-जुले Q3 नतीजों और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से मार्केट सेंटीमेंट पर दबाव बना है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 245 अंक या 0.29 फीसदी गिरकर 83,382.71 पर और निफ्टी 67 अंक या 0.26 फीसदी गिरकर 25,665.60 पर सेटल हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.16 फीसदी और 0.25 फीसदी ऊपर बंद हुए।
टाटा स्टील, NTPC, ONGC, एक्सिस बैंक और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज निफ्टी के टॉप गेनर रहे। जबकि टाटा कंज्यूमर, TCS, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और HUL निफ्टी के टॉप लूजर रहे। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर, मेटल, PSU बैंक, पावर, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.5-2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि ऑटो, IT, रियल्टी में 0.5-1 फीसदी की गिरावट आई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बनी अनिश्चितता के कारण घरेलू बाज़ार सतर्क रहे और FIIs भी रिस्क लेने से बचते रहे। हालांकि, इस हफ़्ते बातचीत फिर से शुरू होने से नई उम्मीदें जगी हैं। मेटल्स ने रैली को लीड किया। अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते मेटल्स की कीमतें बढ़ी हैं। इन्फ्लेशन डेटा में नरमी और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते सेफ-हेवन डिमांड बढ़ने से भी मेटल्स को सपोर्ट मिला है।
मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में चुनिंदा खरीदारी के कारण ब्रॉडर मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया। ग्लोबल इक्विटीज़ में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर अमेरिका के दिसंबर PPI और बड़े बैंकों के नतीजों पर है । आगे चलकर, बाजार का फोकस तीसरी तिमाही के नतीजों पर शिफ्ट होगा। शुरुआती IT नतीजे मोटे तौर पर उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं,हालांकि वन-ऑफ कॉस्ट के कारण बॉटम-लाइन परफॉर्मेंस प्रभावित हुआ है।
16 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी बैंक इंडेक्स अभी अपने फॉलिंग ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट लेवल से ऊपर कंसोलिडेट हो रहा है और अपने 20-डे और 50-डे दोनों SMA से ऊपर बना हुआ है। यह एक स्ट्रक्चरली पॉजिटिव सेटअप है। हालांकि, मोमेंटम कमजोर होता दिख रहा है क्योंकि RSI 53 के पास है और थोड़ा नीचे की ओर झुक रहा है। ये खरीदारी के मोमेंटम में कमी को दिखाता है। उम्मीद है कि इंडेक्स 59800 का लेवल फिर से हासिल करने के बाद मोमेंटम पकड़ेगा। तब तक इसके 59000–59800 की एक बड़ी रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। वहीं, 50-डे के SMA के पास 59200–59150 का जोन एक अहम सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम करेगा। जबकि 59800 तत्काल रेंज रेजिस्टेंस के रूप में काम करता रहेगा।
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज, बेंचमार्क इंडेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 67 अंक नीचे बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 245 अंक नीचे रहा। सेक्टर्स में, मेटल और PSU बैंक इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई, जबकि IT इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट आई। ये 1 प्रतिशत से ज़्यादा गिरा।
टेक्निकली,धीमी शुरुआत के बाद,बाज़ार में सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा। निचले स्तर पर निफ्टी को 25,600 के पास सपोर्ट मिला, जबकि 25,800 के पास इंट्राडे प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली।
श्रीकांत चौहान की राय है कि इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड कोई खास दिशा में नहीं है। शायद ट्रेडर किसी भी तरफ ब्रेकआउट का इंतज़ार कर रहे हैं। ऊपरी स्तर पर 25,800 से ऊपर जाने पर निफ्टी में 25,880-25,900 तक की तेजी आ सकती है। दूसरी तरफ, 25,600 से नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल से नीचे गिरता है, तो यह 25,500-25,450 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है।
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