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Market outlook : लगातार दूसरे सेशन में दिखी गिरावट, जानिए 16 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock market : भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बनी अनिश्चितता के कारण घरेलू बाज़ार सतर्क रहे और FIIs भी रिस्क लेने से बचते रहे। हालांकि, इस हफ़्ते बातचीत फिर से शुरू होने से नई उम्मीदें जगी हैं। मेटल्स ने रैली को लीड किया

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 14, 2026 पर 4:24 PM
Market outlook : लगातार दूसरे सेशन में दिखी गिरावट, जानिए 16 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market outlook :श्रीकांत चौहान की राय ​​है कि इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड कोई खास दिशा में नहीं है। शायद ट्रेडर किसी भी तरफ ब्रेकआउट का इंतज़ार कर रहे हैं

Stock market : फ्रंटलाइन इंडेक्स,सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार,14 जनवरी को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता,मिले-जुले Q3 नतीजों और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से मार्केट सेंटीमेंट पर दबाव बना है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 245 अंक या 0.29 फीसदी गिरकर 83,382.71 पर और निफ्टी 67 अंक या 0.26 फीसदी गिरकर 25,665.60 पर सेटल हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.16 फीसदी और 0.25 फीसदी ऊपर बंद हुए।

टाटा स्टील, NTPC, ONGC, एक्सिस बैंक और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज निफ्टी के टॉप गेनर रहे। जबकि टाटा कंज्यूमर, TCS, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और HUL निफ्टी के टॉप लूजर रहे। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर, मेटल, PSU बैंक, पावर, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.5-2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि ऑटो, IT, रियल्टी में 0.5-1 फीसदी की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बनी अनिश्चितता के कारण घरेलू बाज़ार सतर्क रहे और FIIs भी रिस्क लेने से बचते रहे। हालांकि, इस हफ़्ते बातचीत फिर से शुरू होने से नई उम्मीदें जगी हैं। मेटल्स ने रैली को लीड किया। अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते मेटल्स की कीमतें बढ़ी हैं। इन्फ्लेशन डेटा में नरमी और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते सेफ-हेवन डिमांड बढ़ने से भी मेटल्स को सपोर्ट मिला है।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में चुनिंदा खरीदारी के कारण ब्रॉडर मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया। ग्लोबल इक्विटीज़ में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर अमेरिका के दिसंबर PPI और बड़े बैंकों के नतीजों पर है । आगे चलकर, बाजार का फोकस तीसरी तिमाही के नतीजों पर शिफ्ट होगा। शुरुआती IT नतीजे मोटे तौर पर उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं,हालांकि वन-ऑफ कॉस्ट के कारण बॉटम-लाइन परफॉर्मेंस प्रभावित हुआ है।

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