Market Outlook : बाजार में गिरावट का ट्रेंड रहा जारी, जानिए 1 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : HDFC सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का कहना है कि बुधवार को उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा और निफ्टी 95 अंक गिरकर बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक छोटी नेगेटिव कैंडल बनी,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी थी। टेक्निकल तौर पर बाजार की यह चाल ऊपरी स्तरों पर टिके रहने के लिए मजबूती की कमी का संकेत दे रही है

अपडेटेड Sep 30, 2026 पर 4:47 PM
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Market Outlook :टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी 22,750–22,800 के जोन के ऊपर अपनी रिकवरी बनाए रखने में नाकाम रहा और वापस 22,600 के लेवल की तरफ आ गया, जिससे बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर दबाव में बना हुआ है

Market Outlook : 30 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स दिन के दौरान हुई बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। आज लगातार तीसरे सेशन में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। आज बाजार की शुरुआत अच्छी रही। निफ़्टी ने अक्टूबर सीरीज की मज़बूत शुरुआत की और दिन के कारोबार के दौरान 22,800 का स्तर पार कर लिया। हालांकि,इंडेक्स अपनी बढ़त बनाए नहीं रख पाए। उतार-चढ़ाव भरे सेशन में आखिरी घंटे में हुई बिकवाली ने दिन भर की अधिकांश बढ़त को खत्म कर दिया। बैंकिंग और मीडिया शेयरों में हुई खरीदारी का असर मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव ने बेअसर कर दिया।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 48.78 अंक यानी 0.07 प्रतिशत गिरकर 72,480.29 पर बंद हुआ और निफ्टी 95.75 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 22,620.45 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाली कंपनियों में ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, विप्रो और टेक महिंद्रा शामिल रहीं। जबकि मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, SBI लाइफ इंश्योरेंस, एटरनल और ONGC सबसे ज्यादा गिरावट वाली कंपनियों में शामिल रहीं।


सेक्टर की बात करें तो निफ्टी मेटल और फार्मा इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई। जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 0.8% गिरा। दूसरी ओर PSU बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 1-2% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि बुधवार को उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा और निफ्टी 95 अंक गिरकर बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक छोटी नेगेटिव कैंडल बनी,जिसकी ऊपरी शैडो (upper shadow) लंबी थी। टेक्निकल तौर पर बाजार की यह चाल ऊपरी स्तरों पर टिके रहने के लिए मजबूती की कमी का संकेत दे रही है। 22800 के आसपास का इमीडिएट रेजिस्टेंस बुल्स के लिए भारी पड़ा है,जिससे बुधवार सुबह हुई बढ़त थम गई और बाजार नीचे आ गया।

निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड अभी भी नेगेटिव बना हुआ है। 22500 के नीचे कमजोरी आने पर निकट भविष्य में यह 22200-22100 के स्तर तक और गिर सकता है। अगर बाजार में कोई उछाल आता है तो उसे 22800 के स्तर के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बुधवार को बाज़ार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला लेकिन आखिर में यह गिरावट के साथ बंद हुआ। करेक्शन का मौजूदा ट्रेंड आज भी जारी रहा। बाजार की शुरुआत सपाट रही,जिसके बाद बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआत में रिकवरी की कोशिश की। सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक चढ़ा और निफ्टी 22,800 के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,यह रिकवरी टिक नहीं पाई और दोपहर में फिर से बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी गिरकर 22,620.45 पर आ गया।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी,बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा रिकवरी रहा और इनमें जबरदस्त उछाल देखा गया। हालांकि,लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर पर काफी दबाव बना रहा। जबकि मेटल और FMCG सेक्टर भी गिरावट के साथ बंद हुए।

ग्लोबल मैक्रो फैक्टर्स की वजह से मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर बना रहा। हाल के हाई से थोड़ी गिरावट के बावजूद ब्रेंट क्रूड $103 प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जबकि US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड हाल के हाई के करीब रहा,जो पिछले सेशन में 5.293% तक पहुंच गया था। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। मंगलवार को FIIs ने लगभग ₹9,980 करोड़ की बिकवाली की। जबकि रुपया ₹96 प्रति डॉलर के स्तर के करीब बना रहा।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी 22,750–22,800 के जोन के ऊपर अपनी रिकवरी बनाए रखने में नाकाम रहा और वापस 22,600 के लेवल की तरफ आ गया, जिससे बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर दबाव में बना हुआ है। 22,600 का जोन एक अहम इमीडिएट सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 22,400 का लेवल आता है। जबकि, ऊपर की तरफ 22,750–22,800 के लेवल के इमीडिएट रेजिस्टेंस और 23,000 के लेवल के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की संभावना है। इंडेक्स के छह महीने के निचले स्तर के आसपास ट्रेड करने और बाजार में भागीदारी कमजोर रहने के कारण नियर टर्म में सतर्क रहने की ज़रूरत है। इसलिए चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने और अहम सपोर्ट लेवल पर नजर रखने की सलाह होगी।

 

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