Stock Market : 2 जनवरी को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। निफ्टी 21,650 के आसपास बंद हुआ है। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 379.46 अंक या 0.53 फीसदी गिरकर 71,892.48 पर और निफ्टी 76.10 अंक या 0.35 फीसदी टूटकर 21,665.80 पर बंद हुआ है। आज लगभग 1691 शेयर बढ़े हैं। 1631 शेयर गिरे है। जबकि 72 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आयशर मोटर्स, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी और कोटक महिंद्रा बैंक आज निफ्टी के टॉप लूजर रहे हैं। जबकि कोल इंडिया, अदानी पोर्ट्स, सन फार्मा, डिविस लैब्स और सिप्ला निफ्टी के टॉप गेनर रहे हैं। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो फार्मा इंडेक्स 2.5 फीसदी ऊपर बंद हुआ है, जबकि ऑटो, रियल्टी, कैपिटल गुड्स, बैंक और आईटी में 1 फीसदी की गिरावट आई है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट नोट पर बंद हुए हैं।
03 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि डेली निफ्टी चार्ट पर एक बियरिश कैंडल बना है जो निकट की अवधि में कमजोरी बने रहने का संकेत दे रहा है। जब तक निफ्टी 21750 से नीचे रहेगा, कमजोरी का ट्रेंड बने रहने की उम्मीद है। 21750 की ओर जाने की किसी भी कोशिश में बिकवाली का दबाव आ सकता है। हालांकि, 21750 से ऊपर का स्पष्ट ब्रेकआउट निफ्टी में जोश भर सकता है। नीचे की तरफ इसके लिए 21500 पर सपोर्ट दिख रहा है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के कुणाल शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी पर पूरे कारोबारी दिन लगातार मंदी का दबाव देखने को मिला है। जिसके कारण यह 48000 के अहम सपोर्ट से नीचे बंद हुआ। नई तेजी पकड़ने के लिए बैंक निफ्टी के 48300 के रजिस्टेंस के ऊपर एक ब्रेकआउट की जरूरत है। ऐसा होने पर बैंक निफ्टी में 49000/50000 का टारगेट हासिल हो सकता है। बैंक निफ्टी के लिए 47600 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है जो इसके 20-डे मूविंग एवरेज (20डीएमए) के आसपास ही है। अगर ये सपोर्ट टूट जाता है तो फिर गिरावट बढ़ सकती है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि कंसोलीडेशन के बीच बड़े बैंकिंग शेयरों का खराब प्रदर्शन काफी हद तक बाजार पर दबाव बना रहा है। निफ्टी के 21,800 के ऊपर मजबूती के साथ बंद होने में कामयाब पर ही बाजार में तेजी आएगी। इस समय एफएमसीजी और फार्मा जैसे डिफेंसिव शेयरों और सेक्टरों पर फोकस करने में ही समझदारी है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।