Market Outlook : 17 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 281.09 अंक यानी 0.36 फीसदी गिरकर 77,728.16 पर और निफ्टी 78.35 अंक यानी 0.32 फीसदी गिरकर 24,287.65 पर बंद हुआ। आज लगभग 2025 शेयरों में बढ़त हुई, 2213 शेयरों में गिरावट आई और 181 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में इन्फोसिस, सन फार्मा, HCL टेक, नेस्ले और TCS शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, HDFC लाइफ और ONGC शामिल रहे।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT इंडेक्स में लगभग 2% की गिरावट आई, जबकि मेटल इंडेक्स 1.2% और रियल्टी इंडेक्स 1.5% ऊपर चढ़ा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.36 फीसदी ऊपर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि एनर्जी से जुड़ी इनपुट लागत का दबाव अभी भी शॉर्ट-टर्म मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाल रहा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों को देखते हुए आने वाले क्वार्टर में अर्निंग अनुमानों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इस तिमाही में कम लागत वाली इन्वेंट्री से मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली, लेकिन यह आगे भी जारी रहेगा या नहीं, इस पर नजर रखनी होगी, क्योंकि ज्यादा लागत पर नया स्टॉक खरीदने से Q2FY27 में मार्जिन बढ़ने की रफ्तार धीमी हो सकती है।
ऐसे माहौल में निवेशक खासकर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में उन सेक्टर और कंपनियों की ओर ज्यादा आकर्षित हो सकते हैं जिनकी अर्निंग का आउटलुक मज़बूत है।
घरेलू स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और RBI के FCNR(B) डिपॉज़िट विंडो को समय से पहले बंद करने के फैसले के बाद बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। ग्लोबल स्तर पर, कमजोर अमेरिकी डॉलर और कंज्यूमर से जुड़े नरम आंकड़ों ने शॉर्ट-टर्म में मॉनेटरी पॉलिसी के सख्त होने से जुड़ी चिंताओं को कम किया है, जिससे लॉन्ग टर्म के लिए रिस्क लेने की क्षमता में सुधार हुआ है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल की राय है कि Nifty के लिए 23,700–23,900 पर सपोर्ट है। पिछले हफ्ते Nifty में गिरावट का रुख रहा और यह 0.83% गिरकर 24,366 पर बंद हुआ था। वहीं, NiftyBank ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और 0.44% गिरकर 57,491 पर बंद हुआ था।
इस हफ्ते निफ्टी के लिए 23,700–23,900 पर सपोर्ट और 24,800–25,000 पर रेजिस्टेंस है। इसमें उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। बैंकिंग इंडेक्स का प्रदर्शन भी निफ्टी के अनुरूप ही रहने की संभावना है। इसके लिए 55,800–56,300 पर सपोर्ट और 58,700-59,200 पर रेजिस्टेंस है।
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इसका लगातार लाल निशान में बंद होने का सिलसिला जारी रहा। शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स 24,400 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के नीचे बना हुआ है। आने वाले दिनों में, जब तक निफ्टी 24,400 के नीचे रहेगा, ट्रेंड के कमजोर रहने की संभावना है। निचले स्तर पर निफ्टी के लिए 24,225 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर गिरावट 24,190/24,050 तक बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
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