Market Outlook : बाजार में दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूटा, जानिए 8 सिंतबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook : निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में टाइटन कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, BSE लिमिटेड, भारती एयरटेल, ICICI बैंक और कोल इंडिया शामिल रहे
Market Outlook : बाजार में बिकवाली का दायरा बड़ा है। टाइटन की कमजोर ज्वेलरी ग्रोथ और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों पर दबाव ने बाजार के सतर्क रुख को और बढ़ा दिया है
Market Outlook : 7 अक्टूबर को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स की दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,700 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 429.11 अंक यानी 0.59 प्रतिशत गिरकर 72,638.70 पर और निफ्टी 173.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत गिरकर 22,603.05 पर बंद हुआ। लगभग 1831 शेयरों में बढ़त हुई, 2182 शेयरों में गिरावट आई और 172 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में टाइटन कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, BSE लिमिटेड, भारती एयरटेल, ICICI बैंक और कोल इंडिया शामिल रहे।
सेक्टरों की बात करें तो मीडिया और PSU बैंक को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर करते दिखे। ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर में 1-2% की गिरावट देखी गई।
PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि पिछले दो सेशन में आई जबरदस्त रिकवरी के बाद भारतीय इक्विटी मार्केट में अब कुछ प्रॉफिट-बुकिंग देखी जा रही है। रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करके इसे 5.50% करना और साथ ही 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग'(सोच-समझकर सख्ती)की ओर बढ़ना महंगाई, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बाहरी माहौल को लेकर बढ़ती चिंताओं को दिखाता है।
बाजार में बिकवाली का दायरा बड़ा है। टाइटन की कमजोर ज्वेलरी ग्रोथ और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों पर दबाव ने बाजार के सतर्क रुख को और बढ़ा दिया है। हालांकि,बाजार का आउटलुक पूरी तरह से निगेटिव नहीं है,क्योंकि कॉर्पोरेट अर्निंग्स को लेकर उम्मीदें अभी भी सकारात्मक बनी हुई हैं।
आगे निवेशकों की नजर अर्निंग्स और बैलेंस शीट की मजबूती पर रहेगी। उन्हें शॉर्ट-टर्म रिकवरी के पीछे भागने के बजाय क्वालिटी लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता देनी चाहिए और बाजार में बड़ी गिरावट (करेक्शन) आने पर चुनिंदा शेयरों को खरीदना चाहिए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, हालांकि कल की रिलीफ रैली उम्मीद के मुताबिक 22800 के लेवल के पास रुक गई, लेकिन हमें उम्मीद है कि अपट्रेंड जारी रहेगा और मार्केट 22930 या 23100-220 के लेवल तक जा सकता है। फिर भी,आज गिरावट की उम्मीद पहले से थी। अगर मार्केट 22690 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन जब तक गिरावट 22574 के लेवल तक ही सीमित रहती है, तब तक हमें तेजी लौटने की उम्मीद रहेगी। जैसा कि कल भी कहा था कि हमें अभी बड़ी गिरावट आने या निफ्टी के 22050 के स्तर से बहुत ज़्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है।
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आवरली चार्ट पर 50-EMA पर रेजिस्टेंस मिलने के बाद निफ्टी नीचे आ गया है। एक मजबूत बुलिश कैंडल के बाद बेयरिश कैंडल बनाकर इंडेक्स ने रिवर्सल का पहला संकेत दिया है। आवरली RSI में भी बेयरिश क्रॉसओवर देखा गया है। अगले कुछ दिन अहम होंगे,क्योंकि 22,600 के नीचे निर्णायक गिरावट से बाजार में फिर से बेयरिश ट्रेंड शुरू हो सकता है। निचले स्तर पर 22,600 के नीचे जाने से इंडेक्स 22,200 के लेवल तक गिर सकता है। दूसरी ओर, 22,750 के ऊपर लगातार बढ़त से बाजार में फिर से कुछ तेजी आ सकती है।
बैंक निफ्टी व्यू
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के ऐलान के बाद बुधवार के सेशन में बैंक निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखा गया। इंडेक्स को 55,200 के लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। हालांकि,यह 55,000 के अहम स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।
बैंक निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म नजरिया थोड़ा बुलिश बना हुआ है। अगर इंडेक्स 55,200 के ऊपर बना रहता है,तो बड़े डाउनट्रेंड के बीच रिकवरी की गुंजाइश है। ओवरऑल स्ट्रक्चर बेयरिश बना हुआ है। मौजूदा लेवल पर शॉर्ट पोजीशन को कवर किया जा सकता है। इमीडिएट सपोर्ट 54,800 पर है,जबकि रेजिस्टेंस 55,200 पर है। 55,200 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट होने पर 55,800 की तरफ बढ़त देखने को मिल सकती है। लेवल-वाइज़ ट्रेडिंग की सलाह दी जाती है।
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