कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने हाल ही में कहा था कि वायदा और विकल्प (F&O) सेगमेंट में बढ़ता ट्रेड एक व्यापक मुद्दा (Macro Issue) बन गया है और अब अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। इस पर मार्केट पार्टिसिपेंट्स की कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कोटक म्यूचुअल फंड के नीलेश शाह का कहना है कि F&O गतिविधि माइक्रो और मैक्रो दोनों स्तरों को प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा, 'मैक्रो पॉइंट ऑफ व्यू से बचतकर्ताओं के निवेशक बनने के बजाय सट्टेबाज बनने के मुद्दे हैं, जिसके चलते बचत का गलत एलोकेशन होता है और पूंजी निर्माण कम होता है। माइक्रो पॉइंट ऑफ व्यू से F&O में स्थानीय और वैश्विक प्रतिभागियों के बीच समान अवसर क्रिएट करने की जरूरत है, क्योंकि विदेशी प्रतिभागियों की आय कैपिटल गेन्स है और DTAA क्षेत्राधिकार से स्ट्रक्चर्ड होने पर यह टैक्स फ्री होती है। वहीं स्थानीय प्रतिभागी, बिजनेस इनकम के रूप में टैक्स का भुगतान करते हैं।' शाह ने आगे कहा कि सेबी, एक्सचेंज और म्यूचुअल फंड उद्योग इन मोर्चों पर काम कर रहे हैं, लेकिन अभी भी काफी कुछ किया जाना बाकी है।
रिटेल पार्टिसिपेशन कम करने के लिए लॉट साइज एडजस्टमेंट की ले सकते हैं मदद
क्रॉससीज कैपिटल के राजेश बहेती ने F&O ट्रेडिंग में रिटेल पार्टिसिपेशन को कम करने के लिए एक टारगेटेड अप्रोच का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने सुझाव दिया कि लॉट साइज को ₹20-25 लाख तक एडजस्ट करने से ब्रॉडर मार्केट डिसरप्शंस पैदा किए बिना रिटेल पार्टिसिपेशन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। बहेती ने आगे के रेगुलेटरी उपायों पर विचार करने से पहले इस तरह के बदलाव के असर का इंतजार करने की सिफारिश की है।
एक प्रमुख म्यूचुअल फंड के वरिष्ठ फंड मैनेजर ने F&O सेगमेंट में मौजूद अत्यधिक लीवरेज पर चिंता व्यक्त की। F&O बाजारों में उच्च ओपन इंटरेस्ट और डेली टर्नओवर पर रोशनी डालते हुए फंड मैनेजर ने इसे एक महत्वपूर्ण जोखिम बताया और कहा कि इससे रेगुलेटर्स को सावधानीपूर्वक निपटने की जरूरत है।
10 में 9 सौदों में नुकसान
सेबी चेयरपर्सन बुच का कहना है कि घरेलू बचत सट्टेबाजी में जा रही है और युवा ऐसे कारोबार में ढेर सारा पैसा खो रहे हैं। इससे घरेलू बचत का इस्तेमाल पूंजी निर्माण के लिए नहीं हो पा रहा है। बुच के मुताबिक, बढ़ता F&O ट्रेड निवेशकों के एक छोटे से मुद्दे से अर्थव्यवस्था के एक व्यापक मुद्दे में बदल गया है। सेबी की एक रिसर्च के मुताबिक, निवेशक F&O सेगमेंट में 10 में 9 सौदों में नुकसान उठाते हैं। जोखिम का खुलासा करने पर जोर देने से शुरू करते हुए, सेबी हाल ही में इस क्षेत्र से निवेशकों को दूर रखने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है।