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Market recap:बीते हफ्ते करीब 100 स्मॉलकैप शेयर 10-22% टूटे, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल

सैम्को सिक्योरिटीज के यस शाह का कहना है कि अगले हफ्ते बाजार अपने पैर जमाने के लिए संघर्ष करता नजर आ सकता है.

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 24, 2021 पर 3:44 PM
Market recap:बीते हफ्ते करीब 100 स्मॉलकैप शेयर  10-22% टूटे, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल

छोटे मझोले शेयरों पर आए दबाव के चलते इस हफ्ते फ्रेश हाई रिकॉर्ड छूने के बाद बाजार में लगातार दो हफ्तों की तेजी का क्रम तोड़ दिया और भारी उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट के साथ बंद हुआ है। पिछले हफ्ते BSE सेंसेक्स 484.33 अंक यानी 0.79 फीसदी की गिरावट के साथ 60,821.62 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 223.65 अंक यानी 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 18,114.9 के स्तर पर बंद हुआ।

दिगग्जों की तुलना में छोटे मझोले शेयरों की ज्यादा पिटाई के चलते बीते हफ्ते BSE मिडकैप इंडेक्स और स्माल कैप इंडेक्स में क्रमश: 4 और 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। स्माल कैप पर नजर डालें तो करीब 100 शेयर ऐसे रहे, जिसमें 10-22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इसमें REI Infrastructure Finance,DCM Shriram,MEP Infrastructure Developers, Balaji Amines,Angel Broking, Antony Waste Handling Cell,Balrampur Chini Mills, NLC India और Panacea Biotec जैसे शेयर शामिल हैं।

दूसरी तरफ स्माल कैप के 21 स्टॉक ऐसे रहे, जिनमें 10-40 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसमें Rail Vikas Nigam, IRB Infrastructure Developers, Vishwaraj Sugar Industries, Jindal Worldwide और Transport Corporation of India के नाम शामिल है।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि पिछले हफ्ते अच्छी शुरुआत के बावजूद मुनाफा वसूली के चलते बाजार मंदड़ियों के हाथ चला गया और 4 कारोबारी सत्रों में गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई हालिया गिरावट कोई ओवर रिएक्शन नहीं बल्कि भारी वैल्यूएशन के कारण आया एक करेक्शन है। यह क्रम आगे भी बना रह सकता है। इसके अलावा घरेलू बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के चलते घरेलू और विदेशी दोनों तरह के फंडों में बिकवाली की। हमें ऐसे शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है, जिनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा बढ़ गया था और फंडामेंटल के आधार पर ये वैल्यूएशन सही नहीं लग रहे थे।

इसके अलावा दूसरी तिमाही के उम्मीद से कमजोर नतीजे भी बाजार के सेंटीमेंट पर अपना असर दिखा रहे हैं। हालांकि अच्छी बात ये है कि इकोनॉमी के फिर से खुलने निम्न ब्याज दरों के दौर और निजी और सरकारी क्षेत्र से बढ़ रहे निवेश के चलते लंबे नजरिए से बाजार की संभावना मजबूत नजर आ रही है।

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