Share Market : इस छोटे कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सकारात्मक ग्लोबल संकेतों के दम पर घरेलू इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स में 15 अप्रैल के कारोबारी सत्र में सकारात्मक शुरुआत होने की संभावना है। आज सुबह 8 बजे के आसपास GIFT निफ्टी इंडेक्स 375 अंक बढ़कर 23,292 पर कारोबार कर रहा था। इससे भारतीय इक्विटी बाजार में तेजी के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
कल वॉल स्ट्रीट में तेजी आई, आईफोन बनाने वाली एप्पल ने एसएंडपी 500 को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया। व्हाइट हाउस ने स्मार्टफोन और कंप्यूटर को नए टैरिफ से छूट दे दी है जिसका असर एप्पल पर देखने को मिला। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.78 फीसदी की बढ़त हुई, एसएंडपी 500 में 0.79 फीसदी की और नैस्डैक कंपोजिट में 0.64 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
टैरिफ़ को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की उम्मीद को कमजोर कर दिया है। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कंपनियां सप्लाई चेन का प्रबंधन कैसे करेंगी,क्योंकि आगे टैरिफ़ के मोर्चे पर और अधिक बदलाव की उम्मीद है।
वॉल स्ट्रीट से संकेत लेते हुए मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली है। एशियाई बाजारों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली है। जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोसडैक इंडेक्सों में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई। हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में भी 0.4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिल रही है।
पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 और सेंसेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया था। इनमें लगभग दो प्रतिशत का उछाल आया था। अमेरिका द्वारा चीन को छोड़कर सभी देशों पर टैरिफ लगाने में 90 दिनों की रोक की घोषणा की थी। इसका बाजार पर अच्छा असर देखने को मिला था।
पिछले कारोबारी दिन सभी सेक्टरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। मेटल और फार्मा शेयरों में बढ़त देखने को मिली। इस बीच,बाजार के डर का पैमाना, इंडिया VIX 6.21 फीसदी की तेज गिरावट के साथ निवेशकों की चिंता कम होने का संकेत देता नजर आया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में वोलैटिलिटी जारी रह सकती है। कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना कि बाजार की मौजूदा बनावट बेहद अस्थिर और अनिश्चित है। ऐसे में लेवल-आधारित ट्रेडिंग पोजिशनल ट्रेडर्स के लिए बेहतर रणनीति होगी। निकट भविष्य में निफ्टी के लिए 50-डे और 20-डे एसएमए या 23,000 का स्तर बड़े रजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि तकनीकी सेटअप से संकेत मिलता है कि जब तक निफ्टी 22500 से ऊपर कारोबार करता रहेगा तब तक पुलबैक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इसके विपरीत,यदि निफ्टी 22,500 से नीचे गिरता है तो बाजार का सेंटीमेंट खराब हो सकता है और ट्रेडर अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं।
ग्लोबल अनिश्चितताओं और अस्थिरता के बीच,आगे चलकर भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। अमेरिकी टैरिफ के मोर्चे पर आगे की घटनाओं से निवेशकों को दिशा मिलने की संभावना है। इसके अलावा निवेशकों की नजर आगे आने वाले महंगाई के आंकड़ों और मार्च में समाप्त तिमाही के नतीजों पर रहेगी।
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