Sensex-Nifty recovers from intra-day low: शुरुआती तेजी के बाद मार्केट फिसल गया लेकिन फिर इसने वापसी की। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 800 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ तो निफ्टी 50 भी 23300 के नीचे आने के बाद रिकवर होकर 23500 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो मिडकैप में तगड़ी खरीदारी लौटी है और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1% से अधिक मजबूत हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा।
फिलहाल 12:34 PM पर सेंसेक्स 288.40 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 74847.64 और निफ्टी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.41% के उछाल के साथ 23476.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 74,134.48 से 846.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,981.34 और निफ्टी 50 भी 23,262.55 से 256.15 प्वाइंट्स उछलकर 23,518.70 पर पहुंच गया।
Why Market Recovers: इस कारण आई रिकवरी
लगातार चार कारोबारी दिनों में तेज गिरावट के बाद अच्छे शेयरों में खरीदारी लौटी। ईरान और अमेरिका के बीच सुलह की फीकी उम्मीदों में कच्चा तेल उबल पड़ा था था जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी चार दिनों में करीब 4% टूट गए थे।
एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत
घरेलू स्टॉक मार्केट को आज एशिया के अधिकतर बाजारों से पॉजिटिव संकेतों से सपोर्ट मिला है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में ढाई फीसदी से अधिक और थाईलैंड के सेट कंपोजिट में 2% से अधिक तेजी तो जापान के निक्केई 225 में आधे फीसदी से अधिक और सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स में करीब 1% की बढ़त है।
मेटल शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी
मार्केट को आज मेटल शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी से सपोर्ट मिला। निफ्टी मेटल 2% से अधिक उछल पड़ा और आज यह टॉप सेक्टरल गेनर है। निफ्टी मेटल के सभी स्टॉक्स ग्रीन हैं। मेटल स्टॉक्स को कॉपर की वैश्विक कीमतों में उछाल से सपोर्ट मिला। कॉपर की कीमतें अफ्रीका समेत अन्य जगहों के माइन्स से सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के चलते मजबूत हुई है। पश्चिमी एशिया से सल्फर की सप्लाई में कमी ने माइनिंग के काम को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं तो एनालिस्ट्स का कहना है कि चीन में कॉपर की मांग मजबूत बनी हुई है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 95.52 से रिकवर करते हुए 16 पैसे मजबूत हुआ। आयात पर नियंत्रण से डॉलर की कम मांग की उम्मीदों से इसे सपोर्ट मिला। बता दें कि सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट टैरिफ को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक टेक्निकल फैक्टर्स की वजह से भी मार्केट में रिकवरी आई। निफ्टी को 23400 के आसपास सपोर्ट मिला जिससे यह रिकवर हुआ। चॉइस ब्रोकिंग के एनालिस्ट्स का कहना है कि 23,400 से ऊपर लगातार रिकवरी होने पर मार्केट 23,500-23,600 की तरफ बढ़ सकता है। एनालिस्ट्स के मुताबिक अहम सपोर्ट लेवल पर आमतौर पर ट्रेडर्स शॉर्ट-कवरिंग करते हैं और नई खरीदारी होती है जिससे तेज गिरावट के बाद मार्केट को स्थिर रखने में मदद मिलती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।