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Market View : बाजार में चौतरफा बिकवाली, जानिए सुस्ती के इस माहौल में कहां और कैसे बन सकता है पैसा

Market View : इकोनॉमी और मार्केट में दो ऐसी बातें दिख रही हैं जो एक-दूसरे के विपरीत हैं और इन पर ध्यान देना जरूरी है। इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है और कंपनियों की कमाई भी बढ़ रही है,लेकिन मार्केट लगातार नीचे जा रहा है। यह घरेलू सपोर्ट के मुकाबले बाहरी मुश्किलों के हावी होने का मामला है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 28, 2026 पर 11:18 AM
Market View : बाजार में चौतरफा बिकवाली, जानिए सुस्ती के इस माहौल में कहां और कैसे बन सकता है पैसा
Market View : मार्केट के नजरिए से एक अहम ट्रेंड यह है कि भले ही FPIs लार्जकैप शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं,लेकिन वे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की ज्यादा कीमत के बावजूद उन्हें लगातार खरीद रहे हैं। असल तेजी या मोमेंटम ब्रॉडर मार्केट में ही है

Market View : सभी सेक्टरों में आई चौतरफा बिकवाली के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स शुरुआती कारोबार में कमजोर दिख रहे हैं और निफ्टी 22900 के नीचे आ गया है। सुबह 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 1,030 अंक यानी 1.39 प्रतिशत गिरकर 72,865.57 पर और निफ्टी 320 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 22,820 पर कारोबार कर रहा था। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में क्लीन मैक्स,एसएस रिटेल,हीरो मोटर्स, HDFC बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार कुमार का कहना है कि जुलाई और अगस्त में FPI का पैसा आने के बाद,इस महीने की शुरुआत में ही इसके नेगेटिव होने का ट्रेंड साफ दिखने लगा था। यह ट्रेंड जारी रहा और 25 अगस्त तक एक्सचेंजों के ज़रिए कुल इक्विटी आउटफ्लो (विदेशी पैसे का बाहर जाना) 25,682 करोड़ रुपये तक पहुच गया। साथ ही,प्राइमरी मार्केट के ज़रिए FPI निवेश का ट्रेंड भी जारी है और इस महीने की 25 तारीख तक कुल निवेश 8,551 करोड़ रुपये रहा है।

एक्सचेंज के जरिए बेचने और प्राइमरी मार्केट के ज़रिए निवेश करने के इस ट्रेंड की वजह से इस साल एक्सचेंज के जरिए कुल FPI बिक्री 2,95,971 करोड़ रुपये और इसी दौरान प्राइमरी मार्केट के ज़रिए कुल निवेश 54,398 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

US बॉन्ड यील्ड ज्यादा होने और भारत के IPO मार्केट से बेहतर रिटर्न मिलने की वजह से इस ट्रेंड के जारी रहने की संभावना है। FPI निवेश में एक और अहम ट्रेंड यह है कि भले ही वे लार्ज-कैप शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं,लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लगातार खरीदारी कर रहे हैं। FPIs मार्केट के मोमेंटम (तेजी या मंदी के रुख) को भी फॉलो कर रहे हैं।

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