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Market view : US-ईरान तनाव के बावजूद भारतीय बाज़ार मज़बूत, तेल की कीमतें बढ़ने पर बढ़ सकती है मुश्किल

Market view : अभी का अंदाज़ा यह है कि US लंबा युद्ध नहीं चाहता है और शायद 4-6 हफ़्ते में इसे खत्म कर देना चाहता है। अगर यह लड़ाई जल्दी खत्म हो जाती है तो भारतीय बाज़ार में मजबूती आने की उम्मीद है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 03, 2026 पर 11:51 AM
Market view : US-ईरान तनाव के बावजूद भारतीय बाज़ार मज़बूत, तेल की कीमतें बढ़ने पर बढ़ सकती है मुश्किल
विकास गुप्ता का मानना ​​है कि शॉर्ट टर्म में इक्विटी बाजार की नजरें अमेरिकी चुनाव, मध्य पूर्व में तनाव, चीन के प्रोत्साहन पैकेज और इस साल यूएस फेड बाकी बची बैठकों पर रहेंगी।

डॉ. विकास वी. गुप्ता

Market view : ईरान पर US-इज़राइल की मिली-जुली कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई भी तेज हो गई है। इसका असर मिडिल ईस्ट के ज़्यादातर देशों पर पड़ रहा है। आगे और तनाव बढ़ने की संभावना दिख रही है। तनाव का यह दौर कई हफ़्तों और शायद महीनों तक जारी रह सकता है। रूस-यूक्रेन लड़ाई के दौरान भी हमें कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। उस लड़ाई के कुछ हफ़्तों में खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन 4 साल से ज़्यादा हो गए हैं और अभी भी इस लड़ाई का अंत नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में इस समय यह कहना मुश्किल है कि US-ईरान युद्ध लंबे समय तक चलेगा या नहीं।

इंडियन मार्केट पर इस लड़ाई के कुछ निगेटिव असर तत्काल देखने को मिल सकते है। सबसे पहले तो इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी। हालांकि, क्रूड की कीमते पहले ही बढ़ चुकी हैं। लेकिन आगे भी इनमें बढ़त आ सकती। दूसरा बड़ा मुद्दा मर्चेंट लेन या समुद्री रास्तों से होने वाले ट्रेड में बाधा आ सकती है।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से USD-रुपए पर भी असर पड़ता है और रुपया कमजोर होता है।। समुद्री रास्ते में रुकावट से कच्चे तेल के अलावा दूसरे सामानों के इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ सकता है। इससे भारत में महंगाई बढ़ सकती है। ऐसे में RBI ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है। अच्छी बात यह है कि महंगाई लगभग ज़ीरो के लेवल पर है। इसलिए भारतीय अर्थव्यवस्था की महंगाई में बढ़त को झेलने की क्षमता काफी मज़बूत है।

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