21 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में वीकली आधार पर बाजार में 4 साल की बड़ी तेजी दर्ज हुई। बीते हफ्ते सेंसेक्स में 4.17% की बढ़त देखने को मिली जबकि निफ्टी 4.26% चढ़ा। वहीं बैंक निफ्टी में 5.27% की बढ़त आई। वीकली आधार पर BSE की लिस्टेड कंपनी ने मार्केट कैप में करीब 22 लाख करोड़ रुपये जोड़े है। वीकली आधार पर सभी सेक्टर इंडेक्स में करीब 2 से 14% की रिकॉर्ड तेजी रही। ऐसे में बाजार के आगे के आउटलुक और टाटा डिजिटल इंडिया की स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए Tata MF के फंड मैनेजर मीता शेट्टी (Meeta Shetty) ने कहा कि बाजार में आए उतार-चढ़ाव के कई कारण रहे है। हाई वैल्युएशन का बाजार पर असर देखने को मिला।
ग्लोबल अनिश्चितता से भी बाजार ने रिएक्ट किया। टैरिफ वॉर का भी बाजार पर नेगेटिव असर देखने को मिला। करेक्शन के बाद से बाजार के वैल्यूएशन थोड़े लेवल पर आए। हालांकि वैल्युएशन अभी अट्रैक्टिव नहीं हुए है हां थोड़े किफायती जरुर हुए हैं।
इस बाचतीच में उन्होंने आगे कहा कि इमर्जिंग मार्केट का भी बाजार पर असर देखने को मिला। आने वाले रिजल्ट सीजन पर नजर रहेगी। साथ ही कंपनियों के ओवरऑल ईयर आउटलुक पर भी नजर रहेगी। US की पॉलिसीज, टैरिफ वॉर पर भी फोकस होगा।
किफायती वैल्युएशन वाले सेक्टर? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंक्स में काफी संभावनाएं नजर आ रही है। बैंकिंग सेक्टर के वैल्युएशन काफी किफायती हुए है। वहीं FMCG सेक्टर के वैल्युएशन रीजनेबल हुए। IT सेक्टर में काफी करेक्शन हो चुका है। IT सेक्टर के वैल्युएशन भी ठीक-ठाक है।
फंड की स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि फंड में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में एक्सपोजर है। डिजिटल स्पेस वाली कंपनियों में निवेश किया है। ऑटोमेशन, रोबोटिक्स स्पेस में नजर है। पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइड रखने की कोशिश करते है। IT सर्विसेज में 75% तक का एक्सपोजर और फिनटेक स्पेस में भी एक्सपोजर है।
फंड में जुड़े कंपनियों का सेलेक्शन वैल्यू और ग्रोथ के आधार पर किया जाता है। 50% अल्फा आइडिया पर काम करते है जबकि 50% कंपाउंडर आइडिया पर काम करता है। उतार-चढ़ाव में भी स्टेबिलिटी की कोशिश रहती है। समय -समय पर पोर्टफोलिया का रिव्यू करते है। फंड में 3-5 साल तक निवेश जरूर करें। इक्विटि में जितना लंबा निवेश, उतना फायदा मिलता है। रिस्क एपेटाइ के हिसाब से एलोकेशन रखें।
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