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Market Views: शॉर्ट टर्म में बाजार में वोलैटिलिटी संभव, डिफेंस , सेमीकंडक्टर सहित इन सेक्टर पर रखें नजर

Market Views: डायरेक्ट कमोडिटीज में निवेश नहीं। गोल्ड या अन्य कमोडिटीज में सीधे निवेश नहीं करेगा। वैल्यू चेन कंपनियों पर फोकस रहेगा। ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, डायमंड प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट कंपनियां रहा। कंपनियां जिनका एक्सपोर्ट पोटेंशियल मजबूत है

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Mar 07, 2026 पर 11:54 AM
Market Views: शॉर्ट टर्म में बाजार में वोलैटिलिटी संभव, डिफेंस , सेमीकंडक्टर सहित इन सेक्टर पर रखें नजर
संजय दोशी (Sanjay Doshi) ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से अस्थायी दबाव देखने को मिला। तेल की कीमतें 5-6 दिन में लगभग 15% बढ़ीं। ऑटो सेल्स, सीमेंट, स्टील और क्रेडिट ग्रोथ में सुधार देखने को मिला।

Market Views: बाजार की आगे की चाल और आउटलुक पर बा करते हुए Abakkus MF के हेड ऑफ रिसर्च एंड इन्वेस्टमेंट संजय दोशी (Sanjay Doshi) ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से अस्थायी दबाव देखने को मिला। तेल की कीमतें 5-6 दिन में लगभग 15% बढ़ीं। ऑटो सेल्स, सीमेंट, स्टील और क्रेडिट ग्रोथ में सुधार देखने को मिला। जबकि पावर डिमांड और GST कलेक्शन लगातार बढ़े। हर क्वार्टर में डाटा बेहतर दिख रहा है अर्निंग्स ग्रोथ अब लगभग 9-10% तक पहुंची। हालांकि NSE स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 15-16% गिरा। ऐसे में बाजार में शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी संभव है। हालांकि लंबी अवधि में पॉजिटिव आउटलुक बना हुआ है। बाजार में निवेश को लेकर अगले 2–3 साल का नजरिया रखें

स्मॉलकैप को लेकर आउटलुक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में लार्जकैप की तरफ झुकाव रहा। निवेशकों ने लार्जकैप में ज्यादा पैसा लगाया। स्मॉलकैप में अच्छा करेक्शन देखने को मिला। सितंबर 2024 से स्मॉलकैप इंडेक्स 15-16% गिरा। कई कंपनियों के शेयर 40-50% तक गिर चुके हैं। अर्निंग्स ग्रोथ अब लगभग 9-10% तक पहुंची। मिड, स्मॉलकैप में 15-20% अर्निंग्स ग्रोथ रही। भारत की ग्रोथ स्टोरा काफी मजबूत है। अगले 2-3 साल में 12–15% अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है। स्मॉलकैप का PEG रेश्यो करीब 1 के आसपास है। करेक्शन के बाद वैल्यूशन, ग्रोथ का बैलेंस बेहतर रहा। निवेश के लिए कम से कम 3-4 साल का नजरिया रखें।

किन सेक्टर पर नजर

डिफेंस , सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, CDMO/फार्मा आउटसोर्सिंग और लीजर और ट्रैवल सेक्टर पर नजर रखें। एक्सपोर्ट ओरिएंटेड कंपनियां में इंजीनियरिंग कंपनियां ऑटो और एयरोस्पेस वैल्यू चेन, केमिकल्स, लेबर इंटेंसिव सेक्टर में टेक्सटाइल गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर और एग्रो फूड प्रोसेसिंग सेक्टर पर नजर रखें।

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