मार्केट्स में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, इस ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करने में फायदा ही फायदा

कोविड के बाद पहली बार स्टॉक मार्केट्स में इतना उतारचढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस उतारचढ़ाव ने निवेशकों को डरा दिया है। लेकिन, सही स्ट्रेटेजी बनाकर इस उतारचढ़ाव के मौके का इस्तेमाल फायदा कमाने के लिए किया जा सकता है

अपडेटेड Apr 14, 2025 पर 10:09 AM
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कई एनालिटिकल टूल्स में जो टूल सबसे पावरफुल नजर आ रहा है, वह हार्मोनिक ट्रेडिंग पैटर्न है। एक सेक्टर जिसमें ट्रेंड बदलने के संकेत दिख रहे हैं वह Nifty Auto Index है।

कोविड के बाद पहली बार मार्केट में ऐसा उतारचढ़ाव देखने को मिल रहा है। ग्लोबल मार्केट्स में जब सबकुछ ठीक चल रहा था तो अचानक डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया। इस टैरिफ की वजह से मार्केट लगातार डगमगा रहा है। ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने अमेरिकी गुड्स पर टैरिफ लगाकार समस्या गंभीर बना दी है। स्टॉक मार्केट्स को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। लेकिन, एक तरफ जहां बड़ी संख्या में इनवेस्टर्स के बीच घबराहट है तो दूसरी तरफ अनुभवी इनवेस्टर्स रूल्स बेस्ड और स्ट्रक्चर्ड स्ट्रेटेजी के साथ न सिर्फ इस उतारचढ़ाव का सामना कर रहे हैं बल्कि इस मौके का फायदा भी उठा रहे हैं।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स में दिख रहे मौके

कई एनालिटिकल टूल्स में जो टूल सबसे पावरफुल नजर आ रहा है, वह हार्मोनिक ट्रेडिंग पैटर्न है। एक सेक्टर जिसमें ट्रेंड बदलने के संकेत दिख रहे हैं वह Nifty Auto Index है। टेक्निकल एनालिस्ट्स की करीबी नजरें Bullish Black Swan Harmonic Pattern पर है। यह निफ्टी ऑटो इंडेक्स के वीकली चार्ट पर नजर आ रहा है। Nifty Auto Index सितंबर 2024 में ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। तब से यह 30 फीसदी से ज्यादा गिरा है। इसे कई एनालिस्ट डेफिनिटिव बेयरिश ट्रेंड बताएंगे।


nifty auto index

RSI दिखा रहा पॉजिटिव डायवर्जेंस

यह खास Black Swan Pattern कई फिबोनाकी रिट्रेसमेंट लेवल से एलाइंड है। इससे इसकी क्रेडिबिलिटी की पुष्टि होती है। harmonic patterns से थकान और ट्रेंड उलटने का संकेत मिलता है। इस वजह से ट्रेडर्स प्रमुख रेशियो के कनवर्जेंस पर बने बॉटम पर खरीदते हैं। यह बुलिश बेल्ट होल्ड कैंडलस्टिक फॉर्मेशन आम तौर पर शार्ट बाइंग इंटरेस्ट से जुड़ा होता है। RSI पॉजिटिव डायवर्जेंस दिखा रहा है। इससे यह पता चलता है कि भले ही प्राइस गिरकर भले ही नए लो लेवल पर जा रहा है, लेकिन मोमेंट्स में इम्प्रूव हो रहा है।

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फिलहाल कुछ खास स्टॉक्स पर फोकस कर सकते हैं। इनमें MRF और Exide Industries शामिल हैं।

MRF

यह प्रीमियम टायर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। यह इंडियन मार्केट्स में सबसे महंगे शेयरों में से एक है। वीकली चार्ट से इसके हेड में फिर से बदलाव दिख रहा है। यह अपने लॉन्ग टर्म 200-वीक एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेज (200WEMA) चैनल से बाउंस किया है। इसने राइजिंग थ्री कैंडलस्टिक पैटर्न भी बनाया है। इससे बुलिश स्ट्रेंथ के साथ इसकी चाल बदलने का संकेत मिल रहा है। ट्रेडर्स इसे एक बड़े मौके के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

MRF

Exide Industries

यह बैटरी बनाने वाली देश की सबसे पुरानी कंपनियों में से एक है। टेक्निकल फ्रंट पर इसमें लाइफ के संकेत दिखे हैं। कई महीनों तक कंसॉलिडेशन और कमजोरी के बाद यह स्टॉक 200WEMA चैनल से अपनी चाल बदलता दिख रहा है। एमआरएफ की तरह यह स्ट्रक्चर बाउंस एक लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल बनाता दिख रहा है। इससे ट्रेंड रिवर्सल की संभावना बढ़ गई है। खासकर तब जब इसे सेक्टर और इंडेक्स से ब्रॉड बेस्ड बुलिश सकेतों से सपोर्ट मिलता दिख रहा है। एक्साइड का स्टॉक मिड और लॉन्ग टर्म ट्रेडर्स के लिए रिस्ट एडजस्टेड सेटअप ऑफर करता है।

exide industries

ब्रजेश भाटिया

(लेखक डिफाइनएज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हैं। यहां वक्त विचार उनके निजी विचार हैं। इसका इस पब्लिकेशन से कोई संबंध नहीं है।)

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