लोकसभा चुनाव के वास्तविक नतीजे, पूर्वानुमानों से बेहतर हो सकते हैं। जो भी हो, बाजार में “तेजी का विस्फोट” देखने को मिलेगा और लगभग सभी शेयरों में तेजी आएगी। यह बात बाजार के दिग्गज सुशील केडिया ने एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने के बाद कही। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 2 जून से शुरू सप्ताह 'मोदी स्टॉक्स' के लिए ग्रैंड फिनाले वाला सप्ताह होगा।
News18 Exit Poll के अनुसार, NDA गठबंधन को लगभग 355-370 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि भाजपा को लगभग 305-315 सीटें मिल सकती हैं। विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A ब्लॉक को 125-140 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस को 62 से 72 सीटें मिल सकती हैं। सप्ताह के दौरान 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। केडिया ने मनीकंट्रोल से खास बातचीत में कहा कि 3 जून को शेयर बाजार में धुंआधार तेजी देखने को मिलेगी। 4 जून से पहले ही बाजारों में उत्साह का माहौल होने वाला है। जो लोग डरे हुए थे या हेजिंग कर रहे थे, वे सोमवार को जल्दबाजी में निवेश करेंगे।
क्या पता 400 से ज्यादा मिलें सीट
एग्जिट पोल पर केडिया की राय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सांख्यिकीय विधियों की सीमाओं के कारण, अधिकांश पोलस्टर रूढ़िवादी अनुमान लगाते हैं, जो कि पिछले 5-6 चुनावों में दिखाई दिया। हर चुनाव में, प्रत्येक एग्जिट पोल में जीतने वाले पक्ष को कम आंका गया था। आज पोलस्टर मोटे तौर पर 380 का दावा कर रहे हैं। कौन जानता है? यह 400 से अधिक का जनादेश भी हो सकता है, जो मंगलवार, 4 जून को ही पता चलेगा।
नए सप्ताह में रणनीति को लेकर केडिया का जवाब है, 'मेरी बाजार प्रतिक्रिया इस बात पर बेस्ड है कि बाजार कितना आक्रामक है। सोमवार बदला हुआ होगा। मेरी फिलॉसफी है कि एंटिसिपेशन पर खरीद करो और जब एंटिसिपेशन काम कर जाए तो मौके को भुना लो। इसलिए जिन्होंने अभी तक शेयर नहीं खरीदा है, जिन्होंने कम खरीदे हैं, उन्हें पार्टिसिपेट करने दें।'
20% तक चढ़ सकते हैं कई शेयर
अजय केडिया ने कहा कि 3 और 4 जून को बाजार में 'तेजी का विस्फोट' देखने को मिल सकता है। अपर सर्किट से इंकार नहीं कर सकते। लेकिन इसकी उम्मीद न करना ही बेहतर है। अगले सप्ताह कई शेयर 20% तक बढ़ सकते हैं। यहां तक कि जिन शेयरों के बारे में लगता है कि वे अगले 3 महीनों या अगले 6 महीनों में कमजोरी की स्थिति में जा रहे हैं, वे भी तेजी से बढ़ेंगे। इसलिए अब जो काम बचा है, वह यह कि अगले 3 महीनों में बड़े ट्रेड्स पर नजर रखें और उन पॉकेट्स से बचें, जो पहले से ही उत्साह में हैं और जहां फाइनल बुल ड्रैग हो सकता है।
उन्होंने कहा कि हम उन शेयरों का सपोर्ट करना जारी रखेंगे, जहां सुरक्षा का सापेक्ष मार्जिन बहुत अधिक था। ऐसे शेयर, जिन्होंने अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है: FMCG, IT, मीडिया एंटरटेनमेंट, कुछ केमिकल स्टॉक। हम मेटल्स से दूर रहेंगे। ऑटो में किसी भी बाकी पोजिशन से बाहर निकल जाएंगे। हम वित्तीय क्षेत्रों में शॉर्टिंग के अवसरों की तलाश शुरू करने के लिए सक्रिय रूप से और उत्सुकता से इस उत्साह के शांत होने का इंतजार करेंगे।
मोदी स्टॉक्स का क्या होगा?
केडिया के मुताबिक, तथाकथित 'मोदी स्टॉक' उत्साह का नेतृत्व कर रहे हैं। बाजार अपनी आंतरिक मुद्रा क्रिएट करता है। तो, जो शेयर कमजोर रहे हैं और जहां नए सिरे से तेजी आने वाली है, वे ऊपर जाएंगे। यह उत्साह की समाप्ति है। जो शेयर पहले से ही उत्साह में हैं, उनका फिनाले अगले 3-4 दिनों में सामने आएगा। उसके बाद, उनमें सॉलिड करेक्शन आना चाहिए।
सरकार की नीतियों के कई क्षेत्रों पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव को देखते हुए, निवेशकों ने उन शेयरों को कैटेगराइज करना शुरू कर दिया है, जिन पर सरकार की नीतियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। इन्हें 'मोदी स्टॉक्स' नाम दिया गया है। इन शेयरों को मोदी 3.0 से अपेक्षित नीतिगत उपायों के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में देखा जा रहा है। मोदी स्टॉक, पूंजीगत व्यय और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े क्षेत्रों, PSUs या कुछ कॉर्पोरेट घरानों के शेयरों से संबंधित हैं। पिछले 6 महीनों में मोदी स्टॉक्स में एवरेज 50 प्रतिशत की बढ़त दिखी है।
183 लिक्विड स्टॉक्स के F&O यूनिवर्स से, CLSA ने 54 ऐसी कंपनियों की पहचान की है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का प्रत्यक्ष लाभार्थी माना जाता है। इनमें से आधी PSUs हैं। इन शेयरों को CLSA ने मोदी स्टॉक्स के रूप में पहचाना है। इनमें HAL, हिंदुस्तान कॉपर, नाल्को, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कमिंस इंडिया, सीमेंस, एबीबी इंडिया, इंडस टावर्स, सेल, BHEL, डिक्सन, अदाणी पोर्ट्स, REC, PNB, टाटा पावर, HPCL, गेल, JSPL, इंटरग्लोब एविएशन, IRCTC, PFC, IOCL, BPCL, पेट्रोनेट एलएनजी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, SBI, जीएमआर एयरपोर्ट्स, NMDC, केनरा बैंक, अंबुजा सीमेंट्स, ONGC, कोल इंडिया, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, NTPC, भारत फोर्ज, भारती एयरटेल, इंडियन होटल्स, ACC, अदाणी एंटरप्राइजेज, बैंक ऑफ बड़ौदा, पॉलीकैब, गुजरात गैस, MGL, अशोक लीलैंड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, L&T, IGL, अल्ट्राटेक सीमेंट, वोडाफोन आइडिया, जेके सीमेंट, श्री सीमेंट, द इंडिया सीमेंट्स, डालमिया भारत और द रामको सीमेंट्स शामिल हैं।
मेटल स्टॉक्स में गिरावट आने के संकेत
केडिया ने आगे कहा कि वह तांबे, एल्यूमीनियम, जस्ता, यहां तक कि सोने, चांदी के चार्ट पर बड़ी गिरावट देख रहे हैं। यहां तक कि नरेंद्र मोदी की सत्ता में वापसी भी उस गिरावट को नहीं थाम सकती। जब यह चुनावी उत्साह खत्म हो जाएगा, तो कारोबार पहले की तरह सामान्य हो जाएगा। मेटल, बैंकिंग या यहां तक कि एनबीएफसी जैसे कमोडिटी व्यवसायों पर भी उनका अपना तनाव होगा।