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अमेरिका, यूरोप और चीन में पैसा जाने से बाजार फिसला, बजट से बड़े सरप्राइज की उम्मीद नहींः मिहिर वोरा, Max Life

Max Life Insurance के डायरेक्टर और CIO मिहिर वोरा ने कहा कि बजट बाजार के लिए लिहाज से पिछले कुछ सालों से नॉन इवेंट होता जा रहा है। बजट पर बाजार की निर्भरता घटती नजर आई है। बाजार के लिए ये अच्छा संकेत भी है। उन्होंने कहा कि बजट से बड़े सरप्राइज की उम्मीद नहीं है। लेकिन ग्रामीण खपत के लिए बजट में कुछ ऐलान आ सकते हैं

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Jan 27, 2023 पर 4:27 PM
अमेरिका, यूरोप और चीन में पैसा जाने से बाजार फिसला, बजट से बड़े सरप्राइज की उम्मीद नहींः मिहिर वोरा, Max Life
नवंबर और दिसंबर से विदेशी निवेशकों ने US, यूरोप और चीन के बाजारों में पैसा डालना शुरू किया है। जिसका असर भारतीय बाजारों पर दिख रहा है

अगले हफ्ते आने वाले यूनियन बजट (Union Budget) की बाजार बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा है। बजट के पहले बाजार में भी उठा-पटक दिखाई दे रही है। आज निफ्टी बैंक 3% से ज्यादा फिसल गया है। 21 अक्टूबर के बाद पहली बार निफ्टी 17,600 के नीचे गया है। बेंचमार्के इंडेक्स निफ्टी 23 दिसंबर बाद पहली बार 300 अंक फिसला है। बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। ऐसे में बाजार पर Max Life Insurance के डायरेक्टर और CIO मिहिर वोरा ने अपनी राय दी। इसके साथ ही उन्होंने अगले हफ्ते आने वाले बजट 2023 से लगी उम्मीदों पर भी हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्हें बजट से बड़े सरप्राइज की उम्मीद नहीं है।

बाजार इतना पैनिक क्यों है

इसका जवाब देते हुए मिहिर वोरा ने कहा कि एकदम से बाजार में इतना पैनिक क्यों है ये बताना बहुत आसान नहीं होता है। लेकिन हमारा मानना है कि पिछले साल भारतीय बाजारों ने आउटपरफॉर्म किया था। हमें लगता है कि ये गिरावट उसी का कैचअप है। वैसे भी यूरोप और चाइना से जो आंकड़े आ रहे हैं। उसके हिसाब ऐसा नहीं लग रहा है कि वहां जो मंदी का अंदाजा लगाया गया था वैसे ही हालात होने जा रहे हैं।

अमेरिका यूरोप के साथ ही चाइना के हालात सुधरने की वजह से बड़े निवेशक वहां के बाजारों में भी अपनी मौजूदगी दिखा रहे हैं। इस समय कुछ हद तक US, यूरोप और चीन की तरफ पैसा जाता हुआ नजर आ रहा है। जबकि ग्लोबल चुनौतियों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। विदेशी निवेशकों ने नवंबर और दिसंबर से US, यूरोप और चीन के बाजारों में पैसा डालना शुरू कर दिया है। इसका असर भारतीय बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

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