भारतीय शेयर बाजारों में 6 जनवरी को समाप्त हफ्ते (2023 के पहले सप्ताह) में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। पहले 2 सत्रों में बढ़त के साथ वर्ष 2023 के लिए एक मजबूत शुरुआत देखने को मिली थी। लेकिन इसके बाद अगले 3 सत्रों में बाजार दबाव में आ गया। इसकी वजह ये रही कि निवेशकों ने अगले सप्ताह तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके अलावा फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा आगे दरों में बढ़ोतरी के भी संकेत मिले। पिछले हफ्ते के लिए बीएसई सेंसेक्स 940.37 अंक या 1.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,900.37 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 245.85 अंक या 1.35 प्रतिशत गिरकर 17,859.45 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट नजर आई। बजाज फाइनेंस, अडानी विल्मर, बजाज फिनसर्व, जोमैटो, इंफो एज इंडिया, एवेन्यू सुपरमार्ट्स और जेएसडब्ल्यू स्टील में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। हालांकि हैवेल्स इंडिया, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने बढ़त में कारोबार किया।
बीएसई मिड-कैप इंडेक्स में 0.58 प्रतिशत की गिरावट आई। चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट, श्रीराम फाइनेंस, टीवीएस मोटर कंपनी, अडानी पावर, कंसाई नेरोलैक पेंट्स, हनीवेल ऑटोमेशन, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बायर क्रॉपसाइंस और क्रिसिल के कमजोर प्रदर्शन ने इसमें गिरावट आई। जबकि पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, राजेश एक्सपोर्ट्स, आईडीबीआई बैंक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, आरईसी, बैंक ऑफ इंडिया, एबीबी इंडिया और एमआरएफ के शेयरों में 5-11 प्रतिशत की तेजी रही।
बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 प्रतिशत टूट गया। इसमें विजया डायग्नोस्टिक सेंटर, लेमन ट्री होटल्स, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, रशिल डेकोर, जीआरएम ओवरसीज, प्रताप स्नैक्स, मोरपेन लेबोरेटरीज, डायनेमिक प्रोडक्ट्स, एडीएफ फूड्स इंडस्ट्रीज और जेएमसी प्रोजेक्ट्स (इंडिया) में 8-10 प्रतिशत की गिरावट नजर आई। दूसरी तरफ बीएफ इन्वेस्टमेंट, रिलायंस कम्युनिकेशंस, टीडी पावर सिस्टम्स, सिगाची इंडस्ट्रीज, इंडो अमाइन्स, टीवीएस श्रीचक्र, एप्टेक और नेलकास्ट में 15-28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
बीएसई सेंसेक्स में बजाज फाइनेंस ने मार्केटकैप के लिहाज से सबसे अधिक नुकसान उठाया। इसके बाद इंफोसिस, बजाज फिनसर्व और एचडीएफसी बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दूसरी ओर आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा स्टील का मार्केट कैप सबसे ज्यादा बढ़ा।
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और मीडिया इंडेक्स प्रत्येक में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत और रियल्टी इंडेक्स 1.4 प्रतिशत टूटा।
विदेशी संस्थागत निवेशक (Foreign institutional investors (FIIs) 2023 के पहले हफ्ते में बिकवाली करते नजर आये। उन्होंने 7,813.44 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (domestic institutional investors (DIIs) ने 2,756.58 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
भारतीय रुपया 30 दिसंबर को 82.73 रुपये प्रति डॉलर पर बंद होने के मुकाबले 6 जनवरी को 82.72 रुपये प्रति डॉलर पर सपाट बंद हुआ।