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24 नवंबर को होगा Maruti Suzuki के गुजरात प्लांट पर फैसला, शेयरों में आई गिरावट

Maruti Suzuki Share Price: कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के शेयरों में आज गिरावट का रुझान दिख रहा है। इसके शेयरों में यह गिरावट ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने बोर्ड की बैठक के बारे में खुलासा किया है जिसमें पैरेंट सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (SMC) को प्रिफेरेंशियल शेयर अलॉटमेंट को मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की यह बैठक 24 नवंबर को होनी है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 24, 2023 पर 4:22 PM
24 नवंबर को होगा Maruti Suzuki के गुजरात प्लांट पर फैसला, शेयरों में आई गिरावट
भारतीय कार मार्केट और एक्सपोर्ट में ग्रोथ की तगड़ी गुंजाईश है तो ऐसे में Maruti के मुताबिक इसे अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी और 2030-31 तक इसे सालाना 40 लाख तक ले जाना होगा।

Maruti Suzuki Share Price: कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के शेयरों में आज गिरावट का रुझान दिख रहा है। इसके शेयरों में यह गिरावट ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने बोर्ड की बैठक के बारे में खुलासा किया है जिसमें पैरेंट सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (SMC) को प्रिफेरेंशियल शेयर अलॉटमेंट को मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की यह बैठक 24 नवंबर को होनी है। इस खुलासे के अगले दिन आज मारुति के सुजुकी फिसल गए। बीएसई पर आज यह 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 10486.35 रुपये पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 10547.95 रुपये की ऊंचाई तक पहुंचा था तो 10422.05 रुपये के निचले स्तर तक आया भी था।

सुजुकी को कितने शेयर मिलेंगे?

एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक सुजुकी को मारुति सुजुकी इंडिया 1.23 करोड़ शेयर प्रिफरेंस के आधार पर अलॉट कर सकती है। कंपनी ने अक्टूबर में ही इस प्रस्ताव की जानकारी दे दी थी। कंपनी ने बताया था कि कंपनी ने सुजुकी को 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 1.23 करोड़ फुल्ली पेड-अप इक्विटी शेयर सुजुकी मोटर को देने का फैसला किया है। औसतन 10,420.85 रुपये के भाव पर इस सौदे की वैल्यू 12,800 करोड़ रुपये बैठ रही है। इसके बदले में सुजुकी गुजरात में स्थित मारुति सुजुकी के प्लांट का मालिकाना हक इसे देने को तैयार है।

शेयर मिलने के बाद सुजुकी की मारुति सुजुकी में हिस्सेजारी 56.48 फीसदी से बढ़कर 58.19 फीसदी हो जाएगी। वहीं म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 12.19 फीसदी से घटकर 11.71 फीसदी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की होल्डिंग भी 21.87 फीसदी से घटकर 20.01 फीसदी रह जाएगी।

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