Mazagon Dock Shipbuilders Share Price: सरकारी डिफेंस कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders के शेयर 28 अक्टूबर को 52-हफ्तों के निचले स्तर पर आ गए। इसकी वजह कंपनी के कमजोर तिमाही के नतीजे रहे। यहीं कारण है कि सितंबर तिमाही के नतीजों ने ब्रोकरेज फर्मों को निराश किया है। कमजोर कामकाज और ज्यादा प्रोविजनस के कारण कंपनी की मुनाफे की स्थिति पर असर पड़ा है।
कोटक नियो (Kotak Neo) और HSBC ने इस स्टॉक के लिए अपने टारगेट प्राइस को घटा दिया है, जबकि गोल्डमैन सैक्स ने अपनी 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है। उनका मानना है कि जब तक नए ऑर्डर नहीं मिल जाते, तब तक कंपनी की कमाई कमजोर रह सकती है और स्टॉक का प्रदर्शन भी सुस्त रहने का जोखिम बना रहेगा।
ब्रोकरेज फर्में P75I पनडुब्बी ऑर्डर मिलने के समय पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और कंपनी की ऑर्डर पाइपलाइन मजबूत हो सकती है। हालांकि, इस संभावित ऑर्डर से रेवेन्यू मिलने में समय लग सकता है, जिसके चलते निकट भविष्य में कंपनी की कमाई पर दबाव बना रहेगा।
क्या है स्टॉक पर ब्रोकरेज का नजरिया
कोटक नियो ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के लिए अपना टारगेट प्राइस 1,900 रुपये से घटाकर 1,660 रुपये कर दिया है, और अपनी Sell की रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी का तिमाही प्रदर्शन कमजोर रहने के पीछे काम पूरा करने में आ रही चुनौतियां और प्रोविज़न (प्रावधान) रहे, जिसका असर कमाई पर पड़ा। P75I पनडुब्बी का ऑर्डर समय पर मिलना इस स्टॉक के लिए एक अहम ट्रिगर बना हुआ है। नियर टर्म की चिंताओं के बावजूद, कंपनी के पास अभी भी ऑर्डर्स की एक मजबूत पाइपलाइन मौजूद है।
HSBC ने अपना टारगेट प्राइस 1,860 रुपये से घटाकर 1,680 रुपये कर दिया है और अपनी 'रिड्यूस' की रेटिंग को बरकरार रखा है। कंपनी का सितंबर तिमाही का प्रदर्शन ब्रोकरेज के अनुमानों से काफी कमजोर रहा।
HSBC ने वित्त वर्ष 2027 के अपने अनुमानों में P75I पनडुब्बी के ऑर्डर को भी शामिल किया है।हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि इस ऑर्डर से रेवेन्यू (राजस्व) मिलने में दो से तीन साल का समय लग सकता है।
भले ही इस ऑर्डर से निवेशकों का भरोसा बढ़े, लेकिन HSBC को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2029 तक कंपनी की कमाई कमजोर बनी रहेगी।
गोल्डमैन सैक्स ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स पर अपनी 'Sell' (बेचने) की रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,855 रुपये तय किया है। सितंबर तिमाही की समीक्षा से पता चलता है कि कंपनी की कमाई में गिरावट आई है। ब्रोकरेज को नए ऑर्डर्स मिलने का इंतजार है, जिससे कंपनी के ग्रोथ आउटलुक (विकास की संभावनाओं) के बारे में और स्पष्टता मिल सके। जब तक कंपनी को कोई बड़ा ऑर्डर नहीं मिल जाता, तब तक गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि स्टॉक का प्रदर्शन सुस्त ही रहेगा।
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