MC Exclusive: स्पंदना स्फूर्ति में कैश पोजीशन का पता लगाने के लिए चल रही फॉरेंसिक ऑडिट, जानिए क्या है पूरा मामला

बताया जाता है कि स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल की फॉरेंसिक ऑडिट आरबीआई के इशारे पर हो रही है। फॉरेंसिक ऑडिट का मकसद कंपनी की वित्तीय स्थिति का आकलन करना भी है। स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल इंडिया की पांच सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों में शामिल है

अपडेटेड May 30, 2025 पर 11:03 AM
स्पंदना स्फूर्ति में समस्या के बारे में तब पता चला जब कंपनी के तत्कालीन एमडी और सीईओ ने अचानक 23 मई को इस्तीफा दे दिया।
     
     
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    स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल की फॉरेंसिक ऑडिट हो रही है। इसका मकसद कंपनी की ब्रांचेज में कैश बैलेंस की सही स्थिति का पता लगाना है। स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल इंडिया की पांच सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों में शामिल है। फॉरेंसिक ऑडिट का मकसद कंपनी की वित्तीय स्थिति का आकलन करना भी है। इस ऑडिट में पैसे के आने-जाने और ब्रांच के स्तर पर उसके इस्तेमाल की भी जांच होगी। ब्रांच स्टाफ और कंपनी में कैश हैंडलिंग से जुड़े एंप्लॉयीज पर भी नजरें होंगी।

    अक्टूबर में शुरू हो गई थी जांच

    सूत्रों ने बताया कि RBI की जांच 4 नॉन-बैंकों पर केंद्रीय बैंक के रोक लगाने के कुछ ही हफ्ते बाद अक्टूबर के मध्य में शुरू हो गई थी। आरबीआई ने सचिन बंसल की नवी फिनसर्व सहित चार नॉन-बैंकों पर रोक लगाई थी। सूत्रों ने यह भी बताया कि फॉरेंसिक ऑडिट आरबीआई के इशारे पर हो रही है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, "इसके बाद दिसंबर से स्पंदना स्फूर्ति ने अपनी ज्यादातर ब्रांचों के जरिए लोन देना बंद कर दिया। पिछले हफ्ते या उससे कुछ पहले कुछ ब्रांचों ने दोबारा लोन देना शुरू किया। खासकर ऐसी ब्रांचेज लोन दे रही हैं, जिनकी पहचान ऑडिट एजेंसी की हरी झंडी मिली है।"


    30 फीसदी ब्रांचेज में हो रहा कामकाज

    सूत्र ने यह भी बताया कि 30 फीसदी से कम ब्रांचेज ने काम करना शुरू कर दिया है। हालांकि, मनीकंट्रोल इसकी स्वतंत्र रूप से जांच नहीं कर पाया है। सूत्रों का कहना है कि अभी रेगुलेटर की चिंता यह है कि ब्रांचेज में कैश के रूप में होने वाले कलेक्शन की सही अकाउंटिंग हो रही है या नहीं। एक उच्च-पदस्थ सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, "अभी यह साफ नहीं है कि कलेक्ट किए गए कैश का इस्तेमाल लोन देने के लिए हो रहा है इसका दुरूपयोग हो रहा है। इसकी वजह यह है कि कलेक्शन के डेटा बुक्स के डेटा से मैच नहीं कर रहे हैं।"

    30 मई को कंपनी चौथी तिमाही के नतीजों का ऐलान करेगी

    स्पंदना स्फूर्ति आज यानी 30 मई को मार्च तिमाही के अपने नतीजों का ऐलान करने वाली है। केदारा कैपिटल की हिस्सेदारी वाली इस कंपनी ने कर्ज या इक्विटी के जरिए पूंजी जुटाने की भी योजना बनाई है। फॉरेंसिक ऑडिट के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल के जवाब में कंपनी ने कहा, "कंपनी किसी फॉरेंसिक ऑडिट से इनकार करती है, जैसा कि अभी आरोप लगाया जा रहा है या पहले लगाया गया था। हम यह भी बताना चाहते हैं कि कंपनी व्यापक इनटर्नल ऑडिट और फाइनेंशियल कंट्रोल प्रोसेस का पालन करती है।"

    कंपनी ने ईमेल में दी यह सफाई

    कंपनी ने यह भी कहा, "सामान्य कामकाज से जुड़े सवालों के जवाब दिए गए हैं और इसका ध्यान पब्लिश्ड फाइनेंशियल रिजल्ट्स में भी रखा गया है। यह तय रेगुलेटरी और अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक है। कंपनी इस बात की पुष्टि करती है कि ब्रांच और कॉर्पोरेट लेवल पर सभी कैश बैलेंस और कलेक्शंस को नियम के हिसाब से रिकॉर्ड किया गया है।" लेकिन, ईमेल से आए जवाब में ब्रांचेज में डिस्बर्समेंट के बारे में पूछे गए सवालों के बारे में नहीं बताया गाय। स्पंदना स्फूर्ति में समस्या के बारे में तब पता चला जब कंपनी के तत्कालीन एमडी और सीईओ ने अचानक 23 मई को इस्तीफा दे दिया। वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 9 महीनों में कंपनी को 546 करोड़ रुपये का लॉस हुआ है। इसकी वजह बैड लोन के लिए ज्यादा प्रोविजनिंग है।

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    बीते छह महीने में 26 टूटा है स्टॉक

    कंपनी के वैधानिक ऑडिटर BSR & Co ने कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति के बारे में बताया था। उसने कंपनी के कामकाज जारी रखने पर भी सवाल उठाए थे। बीएसआर एंड कंपनी केपीएमजी से जुड़ी ऑडिट कंपनी है। उसका मानना था कि स्पंदना स्फूर्ति ने पिछले वित्त वर्ष में ज्यादातर लोन की शर्तों का पालन नहीं किया। Spandana Sphoorty के शेयरों में 30 मई को हल्की तेजी दिखी। यह करीब 11 बजे 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 289.70 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीनों में यह स्टॉक 26 फीसदी से ज्यादा टूटा है।

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