2024 लोकसभा चुनाव बाजार के लिए जोरदार सरप्राइज लेकर आया है। बेशक NDA को बहुमत मिलता दिख रहा है, लेकिन इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन भी दमदार है। नतीजों से निराश बाजार में घबराहट का माहौल है। शेयर मार्केट इस जनादेश का साफ-साफ मतलब समझना चाहता है। अब प्रधानमंत्री कौन होगा। नई सरकार का एजेंडा क्या होगा। रिफॉर्म की गाड़ी आगे चलेगी या रुक जाएगी। बाजार में कब तक स्थिरता लौटेगी। इस माहौल में SIP जारी रखें या नहीं? इन तमाम सवालों के जवाब देने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ हैं Complete Circle के मैनेजिंग पाटर्नर और CIO गुरमीत चड्ढा और Nirmal Bang Institutional Equities के CEO राहुल अरोड़ा।
नतीजों से बाजार हुआ निराश
नतीजों से बाजार निराश हुआ है। चुनाव में NDA के प्रदर्शन से बाजार मायूस हुआ है। सेंसेक्स-निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज बाजार में बीते 4 साल में सबसे बड़ी इंट्रा-डे गिरावट देखने को मिली है। बड़े इंडेक्स 8 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं। BSE लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप का 30 लाख करोड़ रुपए साफ हो गया।
आज बाजार के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी 1379 अंक टूटा है वहीं, सेंसेक्स में 4390 अंकों की गिरावट देखने को मिली है। बैंक निफ्टी 4051 अंकों की गिरावट लेकर बंद हुआ है। वहीं, मिडकैप 4203 अंकों की गिरावट लेकर बंद हुआ है।
एनडीए को मिले कमजोर जनादेश के चलते तीन स्थितियां बन सकती हैं। पहली स्थति में मोदी PM बनेंगे। लेकिन मंत्रालयों को लेकर उन पर दबाव बढ़ेगा। ऐसे में पिछले 10 सालों की तरह सरकार बेरोकटोक नहीं चलेगी।
दूसरी स्थिति में सरकार NDA की ही रह सकती है लेकिन मोदी की जगह कोई और PM हो सकता है।
तीसरी स्थिति में NDA के अहम पार्टनर पाला बदल सकते हैं और I.N.D.I.A. गठबंधन की सरकार बन सकती है। I.N.D.I.A. की सरकार बनी तो पॉलिसी में बदलाव संभव है।
NDA को कमजोर जनादेश, क्या होगा असर?
NDA को कमजोर जनादेश से बड़े रिफॉर्म की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। लोकलुभावन फैसलों पर जोर बढ़ सकता है। सरकार पर सहयोगियों का दबाव बढ़ सकता है। सरकार के लिए विपक्ष की अनदेखी करना मुश्किल होगा। ये अनिश्चितताएं बाजार को पसंद नहीं आएंगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि निवेशकों को डरने की बिलकुल जरूरत नहीं है। निवेशक SIP को बिलकुल नहीं काटें। लॉन्ग टर्म का सोचकर बाजार में निवेश जारी रखें। भारत की ग्रोथ स्टोरी पर फोकस करें। FIIs की बिकवाली बढ़ सकती है लेकिन डरने की जरूरत नहीं। भारत के अपने इकोनॉमिक फंडामेंटल काफी मजबूत हैं। अब वैल्युएशन पर फोकस होगा। सिर्फ मोमेंटम पर शेयर नहीं चलेंगे।
सबसे पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन कम रखें। बाजार अगले कुछ दिनों में नतीजों को पचा जाएगा। बाजार में कुछ दिन उतार-चढ़ाव संभव है। नई सरकार बनने तक INDIA VIX ऊपर रहेगा। ट्रेड ले रहे हैं तो मुनाफे को फटाफट काटें। अब आज का निचला स्तर काफी अहम है।
लंबी अवधि के निवेशक गिरावट में थोड़ी खरीदारी कर सकते हैं। एक साथ पैसा ना डालें, शेयरों में SIP कर सकते हैं। ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंस्ट्रक्शन, FMCG शेयरों में निवेश जारी रखें। इन कंपनियों में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। सरकारी बैंक, सरकारी कंपनियों में निवेश से अभी बचें। नई सरकार का एजेंडा आने के बाद PSUs पर फैसला लेंगे। मेटल कंपनियों में भी आगे तेजी जारी रह सकती है।
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