Get App

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के हेमंत रुस्तगी से जानें, पोर्टफोलियो में 2 स्मॉलकैप फंड रखना राहत या आफत

MF Investment : हेमंत रुस्तगी ने कहा कि लंबी अवधि में स्मॉलकैप फंड पोर्टफोलियो का अहम बनते हैं। छोटी कंपनियों में ग्रोथ की संभावना होती है, लेकिन जोखिम भी ज्यादा होते हैं। इसलिए फंड और शेयरों का चयन बेहद जरूरी होता है। स्मॉलकैप में निवेश के दो तरीके हो सकते हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 30, 2026 पर 3:27 PM
MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के हेमंत रुस्तगी से जानें, पोर्टफोलियो में 2 स्मॉलकैप फंड रखना राहत या आफत
MF Investment :इक्विटी का पूरा निवेश सिर्फ लार्ज कैप फंड्स में करना या स्मॉलकैप और सेक्टोरल/थिमेटिक फंड्स पर ज्यादा निर्भर रहना बड़ी गलती हो सकती है। इससे रिटर्न प्रभावित हो सकता है या जोखिम तय सीमा से बढ़ सकता है

MF Investment : पोर्टफोलियो में ज्यादा फंड रखना जरूरी है या सही फंड चुनना? ये सवाल अकसर निवेशकों को परेशान करता है। सामने अगर स्मॉलकैप फंड हो तो समस्या और बढ़ जाती है। क्या वास्तव में स्मॉलकैप के दो फंड रखना फायदेमंद होता है, इसके साथ ही एसेट एलोकेशन का सही फंडा क्या है? पोर्टफोलियो में इक्विटी, डेट और गोल्ड का सही तालमेल तो कितना जरूरी है? इन दोनों सवालों का जवाब देनें के लिए हमारे साथ हैं वाइजइन्वेस्ट के सीईओ हेमंत रुस्तगी।

स्मॉलकैप में निवेश क्यों?

हेमंत रुस्तगी ने कहा कि लंबी अवधि में स्मॉलकैप फंड पोर्टफोलियो का अहम बनते हैं। छोटी कंपनियों में ग्रोथ की संभावना होती है, लेकिन जोखिम भी ज्यादा होते हैं। इसलिए फंड और शेयरों का चयन बेहद जरूरी होता है। स्मॉलकैप में निवेश के दो तरीके हो सकते हैं। मल्टिकैप फंड के जरिए छोटी कंपनियों में निवेश किया जा सकता है। डेडिकेटेड फंड से सीधे इस कैटेगरी पर फोकस किया जा सकता है। निवेश से पहले फंड की रणनीति समझें।

एक से ज्यादा फंड, क्या ओवरलैप बढ़ेगा?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें