कल 8 मार्च को पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मनाएगी, उससे एक दिन पहले BIG MARKET VOICES में आज सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़ीं प्रभुदास लीलाधर ग्रुप की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमीषा वोरा। इनका नाम फाइनेंशियल सेक्टर की जानी-मानी उद्यमियों में शामिल है। कैपिटल मार्केट में 35 वर्षों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली अमीषा PL Capital की कमान संभाल रही हैं। उनका कहना है कि 35 साल के इस सफर में उनको अपनी टीम से काफी सहयोग मिला है।
महिला निवेशकों का भागीदारी लगातार हो रही बढ़त
इस बातचीत में अमीषा वोरा ने कहा कि बाजार में महिला निवेशकों का भागीदारी लगातार बढ़ रही है। 20-40 साल उम्र के निवेशकों में 35 फीसदी महिलाएं हैं। नई पीढ़ी सेविंग के लिए ज्यादा सतर्क है। नई पीढ़ी की महिलाओं का निवेश पर फोकस है। मार्केट विश्व का आठवां अजूबा है। मार्केट में कंपाउंडिंग पावर है। छोटे निवेश से SIP शुरु कर दें। मार्केट में निवेश का सबसे बेहतर तरीका है SIP के जरिए लंबे समय के लिए निवेश करना है। बाजार में लंबी अवधि के लिए निवेश करें। बाजार को टाइम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अमीषा वोरा ने आगे कहा कि वर्तमान समय में बाजार में निवेश के लिए 2 हजार या 5 हजार भी कम नहीं हैं। हम छोटी राशि से भी इक्विटी मार्केट में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए एसआईपी सबसे बेहतर तरीका है।
अपने निवेश का 50-52 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप में रखें
मिड और स्मॉल कैप शेयरों पर बात करते हुए अमीषा वोरा ने कहा कि डेढ़ साल में मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स 45 फीसदी तक भागे हैं। इसकी तुलना में लार्ज कैप में सुस्ती रही है। ध्यान रखें की जब भी बाजार में तेजी के बाद कंसोलीडेशन होता है तो बाजार को लॉर्ज कैप से स्थिरता मिलती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस समय हमें अपने निवेश का 50-52 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप में रखना चाहिए। इस समय निवेश के नजरिए से सबसे बेहतर स्पेस लाइफ इंश्योरेंस लग रहा है। प्राइवेट बैंक भी अच्छे लग रहे हैं। इसके अलावा कैपिटल गुड्स शेयरों को भी पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह होगी।
छोटे-मझोले शेयरों में अभी बाकी है दम
अमीषा वोरा ने आगे कहा कि मिड और स्मॉल कैप की तेजी अभी 3-5 साल और चलेगी, सेक्टर और स्टॉक चेंज होते जाएंगे। छोटे-मझोले शेयरों में हाल में आई गिरावट सिर्फ एक करेक्शन है। इनकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
केमिकल शेयरों से रहें दूर
केमिकल शेयरों पर बात करते हुए अमीषा ने कहा की इस सेक्टर के दर्द की सबसे बड़ी वजह चीन है। अगले दो-तीन साल तक इस सेक्टर में कोई बड़ा सुधार होने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में इस सेक्टर से दूर ही रहने की सलाह होगी।
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