Mid-day mood : भारतीय इक्विटी मार्केट आज 10 अगस्त को कमजोरी के साथ खुले थे। आरबीआई एमपीसी के फैसलों के ऐलान के बाद इसमें और कमजोरी आती दिखी। हालांकि बाजार ये पहले से मानकर चल रहा था पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। लेकिन बाजार जानकारों का कहना है कि बैंकों के लिए अतिरिक्त सीआरआर (ICRR) का प्रावधान करने और दूसरी तिमाही के महंगाई के अनुमान में बड़ी बढ़ोतरी ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया। 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने के बाद बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी को निकालने के केंद्रीय बैंक के प्रयासों के तहत बैंकों को 12 अगस्त से 10 फीसदी एडीशनल CRR (ICRR) बनाए रखना होगा।
सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में
आरबीआई के इस ऐलान के बाद, निफ्टी बैंक लाल निशान में आ गया और दिन के निचले स्तर 44488 को हिट करता दिखा। निफ्टी 50 इंडेक्स ने भी इंट्राडे में 19506 का दिन का निचला स्तर हिट किया। ये पिछले बंद से भाव से लगभग 0.6 फीसदी कम है। सेंसेक्स भी लगभग 0.5 फीसगी की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहा था। फिलहाल 12: 40 बजे दोपहर के आसपास निफ्टी 84.80 अंक यानी 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ 19547.75 के स्तर पर दिख रहा है। वहीं, बैंक निफ्टी 0.62 फीसदी की कमजोरी के साथ 44602.30 के स्तर पर दिख रहा है। जबकि सेंसेक्स 261.82 अंक यानी 0.40 फीसदी की कमजोरी को साथ 65733.99 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट सौगत भट्टाचार्य का कहना है कि हमें एडीशनल सीआरआर का अंदाजा पहले से लगा लेना चाहिए था। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद भी इसी तरह का कदम उठाया था। यह एक अच्छा कदम है क्योंकि सिस्टम में बहुत अधिक नकदी महंगाई के लिए अच्छी नहीं है।
बैंकिंग शेयरों पर एडीशनल सीआरआर का नकारात्मक असर
बैंकिंग शेयरों पर एडीशनल सीआरआर का नकारात्मक असर देखने को मिला है। आईसीआरआर के तहत रखे गए फंड पर बैंकों को कोई ब्याज नहीं मिलेगा। इसकी वजह से बैंकिंग शेयरों में मायूसी देखने को मिली है। बता दें कि आईसीआरआर एक अस्थायी उपाय है और इसकी समीक्षा 8 सितंबर को या उससे पहले की जाएगी। ये भी बता दें कि सीआरआर की दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
महंगाई पूर्वानुमान में भी बढ़त
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2023-24 के अपने महंगाई पूर्वानुमान में भी संशोधन किया है। इसे 30 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.4 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही जुलाई-सितंबर 2023 की रिटेल महंगाई अनुमान (सीपीआई) को 5.2 से बढ़ाकर 6.2 फीसदी कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑटो इंडेक्स दोनों क्रमशः 0.7 फीसदी और 0.3 फीसदी गिर गए। टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और नेस्ले इंडिया को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
डीबीएस बैंक की राधिका राव की राय
डीबीएस बैंक की राधिका राव का कहना है कि गुरुवार के आरबीआई एमपीसी फैसले को कठोर रवैए के साथ दरों में बढ़ोतरी पर विराम के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। इससे संकेत मिलता है कि अगर महंगाई की दर 4 फीसदी के लक्ष्य से ज्यादा रहती है तो आरबीआई विराम के अपने फैसले में बदलाव कर सकता है। आरबीआई दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं कर रहा है। इसके साथ ही दरों में कब से कटौती शुरू होगी इसके भी साफ संकेत नहीं हैं।
बाजार की नजर अब U.S. CPI आंकड़ों पर
आरबीआई पॉलिसी के ऐलान के बाद बाजार की नजर अब आज शाम आने वाले U.S. CPI आंकड़ों पर लगी हुई है। उम्मीद है कि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में थोड़ा ऊपर की तरफ होगा। वहीं, महीने-दर-महीने के आधार पर U.S के जुलाई CPIमें जून की तरह की 0.2 फीसदी बढ़त का अंदाजा लगाया जा रहा है। इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व के आगे के कदमों का अंदाजा लगाया जा सकेगा।
शॉर्ट टर्म में बाजार में कमजोरी बनी रहने के संकेत
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के संतोष मीना का कहना है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में कमजोरी बने रहने के संकेत मिल रहे हैं। अगर निफ्टी 19650 पर स्थित 20-डे मूविंग एवरेज (20-डीएमए) को पार करने में कामयाब नहीं हो पाता तो इसमें हमें 19191 और 18888 के स्तर तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
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