Swiggy-KEI का तगड़ा दबाव, 20 महीने में सबसे तेज गिरा निफ्टी मिडकैप, Nifty के लिए ये हैं अहम लेवल्स
Market Outlook: 23 अक्टूबर को समाप्त हुए कारोबारी हफ्ते में लॉर्जकैप की तुलना में स्मॉलकैप और मिडकैप स्पेस को बिकवाली की आंधी का अधिक सामना करना पड़ा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 20 महीने की सबसे बड़ी वीकली गिरावट आई। जानिए इन्हें किन शेयरों से अधिक झटका लगा और निफ्टी के लिए अहम लेवल्स क्या हैं
19-23 अक्टूबर के कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स 1,605.44 प्वाइंट्स यानी 2.14% गिरकर 74,729.27 और निफ्टी 546.15 प्वाइंट्स यानी 2.25% फिसलकर 22,600 पर बंद हुआ।
Market Outlook: पिछले कारोबारी हफ्ते मार्केट में बिकवाली की तेज आंधी चली। हालांकि निफ्टी 50 (Nifty 50) की तुलना में इसका झटका निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty 100) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty SmallCap 100) को अधिक झेलना पड़ा। निफ्टी मिडकैप 100 पिछले कारोबारी हफ्ते 5.6% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 7% गिर गया जोकि इनके लिए 20 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। कच्चे तेल में उछाल, बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन और मुनाफावसूली ने मिलकर मार्केट पर यह दबाव बनाया है।
पिछले हफ्ते कैसा रहा मार्केट का हाल
19-23 अक्टूबर के कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स 1,605.44 प्वाइंट्स यानी 2.14% गिरकर 74,729.27 और निफ्टी 546.15 प्वाइंट्स यानी 2.25% फिसलकर 22,600 पर बंद हुआ।
स्विगी, KEI इंडस्ट्रीज, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, सुजलॉन एनर्जी, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और एक्साइड इंडस्ट्रीज के शेयरों में 10% से 25% तक की गिरावट पर निफ्टी मिडकैप 100 अक्टूबर 2024 के बाद सबसे तेज स्पीड से फिसला। यह 5.6% नीचे आया।
हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, अर्बन कंपनी, दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉरपोरेशन, आरती इंडस्ट्रीज, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, IIFL फाइनेंस, हिंदुस्तान कॉपर, आइनॉक्स विंड, JM फाइनेंशियल और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स में 12-25% की गिरावट के साथ निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 7% कमजोर हुआ। यह फरवरी 2025 के बाद से इसके लिए सबसे बड़ी गिरावट रही।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार नवें हफ्ते बिकवाली जारी रखी और ₹2,697.37 करोड़ के नेट शेयर बेचे। हालांकि बिकवाली की रफ्तार थोड़ी कम हुई। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस हफ्ते ₹10,942.19 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की।
पिछले कारोबारी हफ्ते बीएसई (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹20 लाख करोड़ से अधिक कम हो गया यानी निवेशकों की दौलत ₹20 लाख करोड़ से अधिक घट गई।
Nifty के लिए क्या हैं अहम लेवल्स
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी
निफ्टी में बिकवाली का दबाव शुक्रवार को भी बना रहा और ब्रोडर लेवल तो तगड़ा दबाव आया। गुरुवार को डोजी टाइप कैंडल पैटर्न बनाने के बाद डेली चार्ट पर शुक्रवार को लॉन्ग लोअर शैडो के साथ एक बेयर कैंडल बना।
चार्ट पर निगेटिव चार्ट पैटर्न और शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में असफलता आने वाले कारोबारी दिनों में शॉर्ट टर्म में शॉर्ट टर्म में आउटलुक निगेटिव होने का संकेत दे रहा है। अब 22300-22200 के अहम सपोर्ट लेवल पर नजर रखनी होगी और ऊपर की तरफ 22,800 अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है।
कोटक नियो के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) अमोल अठावले
तकनीकी रूप से निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई है, जिससे इसमें मौजूदा लेवल्स से आगे भी कमजोरी का संकेत मिल रहा है। शॉर्ट-टर्म में मार्केट का आउटलुक कमजोर बना हुआ है लेकिन मौजूदा स्तरों से ट्रेंड में बदलाव यानी रिवर्सल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ट्रेडर्स के लिए निफ्टी/सेंसेक्स का 20-दिनों का एसएमए 22,700/73,700 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है, जिसके पार होने पर यह 23,000–23,200/74,000–74,600 तक तेज पुलबैक रैली दिख सकता है। हालांकि अगर मार्केट इस 20-दिनों के एसएमए के नीचे आया तो मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर बना रह सकता है। इसके नीचे आने पर मार्केट फिर 22,400–22,200/73,400–72,800 का लेवल फिर से टेस्ट कर सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए 20-दिनों का एसएमए (सिंपल मूविंग एवरेज) 55,000 अहम लेवल है। इसके नीचे जाने पर बैंक निफ्टी 53,500–53,200 तक टूट सकता है लेकिन ऊपर की तरफ ब्रेकआउट होने पर यह 55,500–55,800 की तरफ बढ़ सकता है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा
डेली चार्ट पर निफ्टी 200-WMA और 20-DMA के नीचे आ गया। लोअर-हाई का पैटर्न अभी भी बना हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि हाल ही में आई तेजी सिर्फ एक पुलबैक या रिलीफ रैली थी। आरएसई पर हिडन बेयरिश डाइवर्जेंस भी गिरावट का दौर आगे बने रहने का संकेत दे रहा।
निफ्टी के लिए 22,200 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली बढ़ सकती है। फिलहाल 22,500 पर तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 22,700–22,800 पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है। ट्रेडर्स को फिलहाल अहम लेवल्स के आसपास ही ट्रेडिंग करनी चाहिए और पोजिशन हल्की रखनी चाहिए। इसके अलावा ब्रेंट क्रूड पर भी नजर रखनी चाहिए क्योंकि इसके प्रति बैंरल $110 के पार रहने से मार्केट सेंटिमेंट और खराब हो सकता है।
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