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Middle East Crisis: महंगे क्रूड से इंडियन इकोनॉमी को लगेगी तगड़ी चोट, कर्ज लेना भी हो सकता है महंगा

Goldman Sachs ने कहा है कि कैलेंडर ईयर 2026 में भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ 5.9 फीसदी तक रह सकती है। इसकी वजह मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई है। इस लड़ाई से पहले उसने कैलेंडर ईयर 2026 में भारत की ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 8:08 PM
Middle East Crisis: महंगे क्रूड से इंडियन इकोनॉमी को लगेगी तगड़ी चोट, कर्ज लेना भी हो सकता है महंगा
गोल्डमैन सैक्स ने 13 मार्च को इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 6.5 कर दिया था।

गोल्डमैन सैक्स ने 2026 में इंडिया की ग्रोथ के अनु्मान को घटा दिया है। उसने इंटरेस्ट रेट 0.50 फीसदी बढ़ने की भी उम्मीद जताई है। उसने कहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपये में आई बड़ी कमजोरी की वजह से इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। पिछले कुछ हफ्तों में रुपये में तेज गिरावट आई है। इसमें शेयर बाजार में विदेशी फंडों की बिकवाली का बड़ा हाथ है।

मध्यपूर्व की लड़ाई का ग्रोथ पर पड़ेगा असर

Goldman Sachs ने कहा है कि कैलेंडर ईयर 2026 में भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ 5.9 फीसदी तक रह सकती है। इसकी वजह मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई है। इस लड़ाई से पहले उसने कैलेंडर ईयर 2026 में भारत की ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। इस अमेरिकी बैंक ने भारत की ग्रोथ का नया अनुमान 24 मार्च को जारी किया।

गोल्डमैन ने 13 मार्च को भी घटाया था ग्रोथ का अनुमान

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