मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में 13 मार्च को 2.3 फीसदी तक की गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती लड़ाई है। मार्च में अब तक कुल 9 कारोबारी सत्रों में से 7 में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है। इस दौरान यह करीब 10 फीसदी गिरा है। 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन इस इंडेक्स में गिरावट आई।
मध्यपूर्व में लड़ाई का छोटे-बड़े सभी शेयरों पर असर
इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 5 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यह दिसंबर 2024 के बाद सबसे ज्यादा गिरावट वाला हफ्ता बन सकता है। भारतीय शेयर बाजार पर मध्यपूर्व में लड़ाई का असर कई तरह से पड़ रहा है। पहला, क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई घटी है। दूसरा, दोनों की कीमतों में तेज उछाल है। तीसरा, विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बिकवाली बढ़ाई है।
NALCO का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा फिसला
Nifty Midcap Index में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (NALCO) और अशोक लेलैंड शामिल थे। इनमें क्रमश: 5.3 फीसदी और 4 फीसदी गिरावट आई। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स भी मार्च में अब तक 9 कारोबारी सत्रों में से 7 में गिरा है। इस दौरान यह सूचकांक करीब 10 फीसदी गिरा है। 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन इस सूचकांक में गिरावट आई।
स्मॉलकैप शेयरों की भी हालत पस्त
Nifty Smallcap 100 Index में Lauras Labs और Data Pattersns (India) सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। 13 मार्च को छोटे बड़े सभी शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा। 1:22 बजे Nifty 1.96 फीसदी यानी 462 अंक गिरकर 23,177 पर था। Sensex 1.80 फीसदी यानी 1,372 अंक गिकर 74,656 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी भी 2.30 फीसदी यानी 1274 प्वाइंट्स गिरकर 53,830 पर चल रहा था।
क्रूड ऑयल में उछाल से सहमा बाजार
12 मार्च को कई साल बाद ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद हुआ। 13 मार्च को भी इसमें तेजी दिखी। यह 1.79 फीसदी के उछाल के साथ 102 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। 12 मार्च को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट आई थी। इसका भी असर 13 मार्च को भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा।
150 डॉलर पार कर सकता है क्रूड ऑयल
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई जल्द नहीं रुकती है तो क्रूड ऑयल 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। इस युद्ध को शुरू हुए करीब दो हफ्ते हो गए हैं। लेकिन, दोनों में से कोई पक्ष अभी पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच, देश में एलपीजी की कमी की खबरें आ रही है। हालांकि, सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन की कमी नहीं है।