Mining Stocks: माइनिंग सेक्टर के शेयर बुधवार 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद भरभराकर गिर गए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मिनरल्स पर सेंट्रल टैक्स के अलावा राज्यों को भी टैक्स और रॉयल्टी लगाने का अधिकार है। इस फैसले के बाद NMDC के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट आई। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान बेंच ने बुधवार को माइनिंग कंपनियों पर टैक्स को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य सरकारें, 1 अप्रैल 2005 से मिनरल्स वाली जमीन पर रॉयल्टी और टैक्स का पिछला बकाया वसूल सकती हैं। इस फैसले के बाद माइनिंग कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
NSE पर सुबह 11 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, मेटल शेयरों में वेदांता, कोल इंडिया, JSW स्टील, टाटा स्टील और हिंदुस्तान जिंक में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। कोल इंडिया करीब 1.87% की गिरावट के साथ 511.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं टाटा स्टील लगभग 3.46% की गिरावट के साथ 143.75 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
goindiastocks.com के फाउंडर, राकेश अरोड़ा ने CNBC-TV18 से बातचीत में कहा कि ओडिशा, झारखंड और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कारोबार करने वाली माइनिंग कंपनियों पर इस फैसले का बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सरकारी माइनिंग कंपनियों पर इसका असर लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। वेदांता, इंडिया सीमेंट्स और रैमको सीमेंट्स जैसी कंपनियों के भी इस आदेश से प्रभावित होने की संभावना है।
इससे पहले 1989 और 2004 में, सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग फैसले दिए थे जिनके बाद यह विवाद एक बड़े नौ जजों की सविंधान बेंच को सौंपा गया था। संविधान बेंच ने इस मुद्दे पर विभिन्न हाई कोर्ट की ओर से पारित परस्पर विरोधी आदेशों के खिलाफ माइनिंग कंपनियों, PSUs और राज्य सरकारों की ओर से दाखिल 86 अपीलों पर सुनवाई की।
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