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MobiKwik Q1 Results: लगातार तीसरी तिमाही मुनाफे में, GMV रिकॉर्ड हाई पर कायम, जोश में 8% उछल पड़े शेयर

MobiKwik Q1 Results: प्रीपेड डिजिटल वालेट्स और ऑनलाइन पेमेंट सर्विसेज मुहैया कराने वाली दिग्गज फिनटेक कंपनी मोबीक्विक ने जून तिमाही के धमाकेदार नतीजे पेश किए तो शेयरों ने जोरदार जश्न मनाया। कंपनी न सिर्फ लगातार तीसरी तिमाही मुनाफे में रही बल्कि जीएमवी रिकॉर्ड लेवल पर बनी रही। चेक करें कंपनी के नतीजे की खास बातें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 03, 2026 पर 4:23 PM
MobiKwik Q1 Results: लगातार तीसरी तिमाही मुनाफे में, GMV रिकॉर्ड हाई पर कायम, जोश में 8% उछल पड़े शेयर
जून 2026 तिमाही में मोबीक्विक (MobiKwik) सालाना आधार पर ₹41 करोड़ के घाटे से ₹7.6 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई।

MobiKwik Q1 Results: स्टॉक मार्केट की शानदार रौनक में आज जब मोबीक्विक की पैरेंट कंपनी वन मोबीक्विक सिस्टम्स ने कारोबारी नतीजे पेश किए तो इसके शेयर झूम उठे। फिनटेक कंपनी के लिए जून तिमाही लगातार तीसरी तिमाही मुनाफे वाली रही तो लगातार 14वीं तिमाही रिकॉर्ड जीएमवी ग्रोथ रहा। इस शानदार नतीजे पर शेयर 8% से अधिक उछल पड़े। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के चलते भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 4.66% की बढ़त के साथ ₹214.55 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 8.76% उछलकर ₹222.95 तक पहुंच गया था।

MobiKwik Q1 Results: खास बातें

जून 2026 तिमाही में मोबीक्विक (MobiKwik) सालाना आधार पर ₹41 करोड़ के घाटे से ₹7.6 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 4% बढ़कर ₹281 करोड़ हो गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो कंपनी ने धमाकेदार परफॉरमेंस दिखाया और सालाना आधार पर ₹42 करोड़ के ईबीआईटीडीए लॉस से यह ₹8 करोड़ के ईबीआईटीडीए गेन में पगुंच गई। इस दौरान कंपनी का लेंडिंग ऑपरेशनल एक्सपेंसेज तेजी से गिरकर ₹30 करोड़ से ₹2 करोड़ पर आ गया। मोबीक्विक का पेमेंट बिजनेस जून तिमाही में मजबूत बना रहा और GMV (ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू) सालाना आधार पर 50% बढ़कर ₹58.7 हजार करोड़ के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई।

नतीजों पर बोलते हुए कंपनी के को-फाउंडर, एमडी और सीईओ बिपिन प्रीत सिंह के मुताबिक इसका लेटेस्ट परफॉरमेंस यह दिखाता है कि ग्रोथ में निवेश जारी रखने के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी इसके बिजनेस मॉडल का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि पेमेंट बिनेस ने बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स के साथ रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन वॉल्यूम हासिल किया, जबकि लेंडिंग बिज़नेस ने अच्छी क्रेडिट क्वालिटी और बेहतर रिकवरी के दम पर सालाना आधार पर 5.6% अधिक ग्रॉस प्रॉफिट हासिल किया। कंपनी अपने पेमेंट बिजनेस को मजबूत करने, डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस ऑफरिंग का विस्तार करने और लॉन्ग-टर्म वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

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