Money Mistakes: 20 की उम्र में होने वाली पैसों से जुड़ी 5 बड़ी गलतियां, जो बाद में पड़ सकती हैं भारी

Money Mistakes: क्या आपकी सैलरी बढ़ रही है, लेकिन बैंक बैलेंस नहीं? 20 की उम्र में की गई कुछ आम वित्तीय गलतियां चुपचाप आपकी दौलत बनाने की रफ्तार को कमजोर कर सकती हैं। जानिए वे 5 गलतियां, जिनकी कीमत आगे चलकर लाखों-करोड़ों रुपये में चुकानी पड़ सकती है।

अपडेटेड May 29, 2026 पर 11:07 PM
Story continues below Advertisement
क्रेडिट कार्ड बेशक अच्छा वित्तीय साधन हो सकता है, लेकिन तभी जब उसका सही इस्तेमाल किया जाए।

Money Mistakes: अगर आप मजबूत्त वित्तीय भविष्य चाहते हैं, तो उसकी असल शुरुआत 20 के दशक से होती है। बेशक ज्यादातर लोग 20 की उम्र में कोई बड़ी वित्तीय गलती नहीं करते। असली समस्या उन छोटी-छोटी गलतियों से होती है, जो धीरे-धीरे आदत बन जाती हैं।

सैलरी बढ़ती है तो खर्च भी बढ़ जाता है। क्रेडिट कार्ड अतिरिक्त पैसे जैसा लगने लगता है। निवेश करने का फैसला हर बार अगले साल के लिए टल जाता है। फिर देखते-देखते कई साल निकल जाते हैं और बचत उम्मीद से काफी कम रह जाती है।

1. लाइफस्टाइल के चक्कर में बचत भूलना


यह सबसे आम गलती है। नौकरी में इन्क्रीमेंट मिलते ही लोग बेहतर मोबाइल, महंगे रेस्टोरेंट, ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग, नए सब्सक्रिप्शन और महंगी छुट्टियों पर खर्च बढ़ाने लगते हैं। इनमें से कोई भी खर्च अकेले बहुत बड़ा नहीं लगता, लेकिन धीरे-धीरे ये बचत को कम कर देते हैं।

समस्या पैसे खर्च करने में नहीं है। समस्या तब होती है जब आय तो बढ़ती है, लेकिन बचत नहीं बढ़ती। इसलिए हर सैलरी बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा बचत या निवेश में लगाना जरूरी है।

2. निवेश शुरू करने में बहुत देर करना

कई लोग सोचते हैं कि जब सैलरी ज्यादा हो जाएगी या जिंदगी थोड़ी स्थिर हो जाएगी, तब निवेश शुरू करेंगे। लेकिन निवेश में सबसे बड़ी ताकत समय की होती है।

अगर कोई व्यक्ति 22 साल की उम्र से हर महीने 5,000 रुपये SIP में लगाए और उसे 12% सालाना रिटर्न मिले, तो 60 साल की उम्र तक करीब 4.67 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है। लेकिन यही SIP अगर 30 साल की उम्र से शुरू की जाए, तो यह रकम करीब 1.76 करोड़ रुपये ही रह जाएगी। सिर्फ 8 साल की देरी करोड़ों रुपये का फर्क पैदा कर सकती है।

3. क्रेडिट कार्ड को अतिरिक्त आय समझ लेना

क्रेडिट कार्ड बेशक अच्छा वित्तीय साधन हो सकता है, लेकिन तभी जब उसका सही इस्तेमाल किया जाए। समस्या तब शुरू होती है जब लोग अपनी आय की बजाय क्रेडिट लिमिट के हिसाब से खर्च करने लगते हैं।

छोटे-छोटे खर्च मिलकर बड़ा कर्ज बन जाते हैं। कई क्रेडिट कार्ड पर सालाना ब्याज दर 55% तक पहुंच सकती है। ऐसे में 10,000 रुपये का बकाया सिर्फ 6 महीने में 13,000 रुपये से ज्यादा हो सकता है।

4. बिना समझे ट्रेंडिंग निवेश के पीछे भागना

हर कुछ साल में कोई न कोई निवेश चर्चा में आ जाता है। कभी क्रिप्टोकरेंसी, कभी डिफेंस स्टॉक्स, कभी स्मॉल-कैप फंड।

कई लोग दूसरों की कमाई देखकर निवेश कर देते हैं, लेकिन जोखिम और लक्ष्य को समझे बिना लिया गया फैसला बाद में नुकसान का कारण बन सकता है। निवेश करने से पहले यह साफ होना चाहिए कि पैसा किस मकसद के लिए लगाया जा रहा है और उसकी जरूरत कब पड़ेगी।

5. बीमा और निवेश को एक ही चीज मान लेना

बहुत से लोग बीमा खरीदते समय यह सोचते हैं कि इससे निवेश भी हो जाएगा। इसी वजह से वे ULIP या एंडोमेंट जैसी योजनाएं ले लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा और निवेश को अलग रखना ज्यादा बेहतर होता है। सुरक्षा के लिए टर्म इंश्योरेंस लिया जा सकता है, जबकि संपत्ति बनाने के लिए म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्प चुने जा सकते हैं। इससे कम लागत में ज्यादा बीमा कवर और बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।

छोटी आदतें बनाती हैं बड़ा फर्क

20 की उम्र में वित्तीय सफलता किसी एक बड़े फैसले से नहीं आती। यह रोजमर्रा की छोटी आदतों से बनती है। समय पर निवेश शुरू करना, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना, क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करना और बीमा व निवेश को अलग रखना ऐसी आदतें हैं, जो लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा कर सकती हैं।

बैंकिंग फ्रॉड पर लगेगी लगाम! RBI लाने वाला है 'किल स्विच', जानिए कैसे करेगा काम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।