बैंकिंग फ्रॉड पर लगेगी लगाम! RBI लाने वाला है 'किल स्विच', जानिए कैसे करेगा काम

अगर आपके खाते में फ्रॉड हो रहा हो तो क्या एक बटन दबाकर सभी ट्रांजैक्शन रोके जा सकते हैं? RBI इसी 'किल स्विच' सुविधा पर काम कर रहा है, जो डिजिटल पेमेंट सुरक्षा को पूरी तरह बदल सकती है और साइबर ठगी पर बड़ी चोट कर सकती है। जानिए कैसे काम करेगा नया सिस्टम।

अपडेटेड May 29, 2026 पर 8:27 PM
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RBI का कहना है कि वह सभी डिजिटल पेमेंट माध्यमों के लिए 'स्विच ऑन' और 'स्विच ऑफ' सुविधा शुरू करने की संभावना पर विचार कर रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय बैंक एक 'किल स्विच' (Kill Switch) पर काम कर रहा है। अगर ग्राहक को अपने अकाउंट में किसी भी तरह के फ्रॉड का शक होता है, तो वो अपने खाते से होने वाले सभी डेबिट ट्रांजैक्शन को एक ही बार में रोक सकेंगे। RBI ने 29 मई को जारी अपनी सालाना रिपोर्ट में इस योजना की जानकारी दी है।

क्या है RBI का नया प्लान?

RBI का कहना है कि वह सभी डिजिटल पेमेंट माध्यमों के लिए 'स्विच ऑन' और 'स्विच ऑफ' सुविधा शुरू करने की संभावना पर विचार कर रहा है। इसके साथ एक 'किल स्विच' भी होगा, जो खाते से होने वाले सभी डेबिट ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक कर देगा।


अगर किसी ग्राहक को लगे कि उसके खाते के साथ धोखाधड़ी हो रही है या किसी साइबर ठगी का खतरा है, तो वह इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेगा। RBI का मानना है कि इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

अभी कार्ड के लिए है ऐसी सुविधा

फिलहाल बैंक ग्राहकों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड के लिए कुछ इसी तरह की सुविधा देते हैं। ग्राहक अपने बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और टैप-एंड-पे ट्रांजैक्शन को ऑन या ऑफ कर सकते हैं। इसके अलावा अलग-अलग तरह के ट्रांजैक्शन की लिमिट भी तय या बदल सकते हैं।

RBI का कहना है कि ऐसी सुविधा डिजिटल पेमेंट के सभी माध्यमों तक बढ़ाई जा सकती है। इससे ग्राहकों को अपने पैसे पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।

बड़े UPI ट्रांजैक्शन को लेकर भी तैयारी

हाल ही में RBI ने यह भी सुझाव दिया था कि पहली बार होने वाले बड़े पर्सन-टु-पर्सन (P2P) UPI ट्रांजैक्शन को कुछ समय की देरी के बाद प्रोसेस किया जाए।

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर कोई संदिग्ध या धोखाधड़ी वाला ट्रांजैक्शन हो, तो उसे समय रहते रोका जा सके।

AI करेगा हर ट्रांजैक्शन की निगरानी

केंद्रीय बैंक इस साल डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DPIP) लॉन्च करने की भी तैयारी कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भारत में होने वाले हर डिजिटल ट्रांजैक्शन का रियल टाइम जोखिम आकलन करेगा। यानी हर ट्रांजैक्शन को एक जोखिम स्कोर दिया जाएगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान जल्दी हो सकेगी।

तेजी से बढ़ रहा डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल

RBI के सर्वे के मुताबिक, देश के 52% उपभोक्ता डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह तेज और सुविधाजनक भुगतान व्यवस्था है।

वहीं 67% व्यापारियों ने बताया कि वे डिजिटल पेमेंट स्वीकार करते हैं। इनमें से ज्यादातर कारोबारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान से उनके कारोबार पर सकारात्मक असर पड़ा है।

RBI ने कहा कि उम्र, आय, लिंग और क्षेत्र के हिसाब से डिजिटल पेमेंट अपनाने में अभी भी अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में इस क्षेत्र में आगे और नीतिगत कदम उठाने की जरूरत बनी हुई है।

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