ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी, डॉलर में मजबूती, बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और एफआई की लगातार बिकवाली के चलते सितंबर के आखिरी हफ्ते में बाजार काफी वोलेटाइल रहा। 29 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में बीएसई सेंसेक्स 0.27 फीसदी या 180.74 अंक गिरकर 65,828.41 पर और निफ्टी 0.18 फीसदी या 35.95 अंक गिरकर 19,638.30 पर बंद हुआ। इस हफ्ते बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ, जबकि बीएसई मिड-कैप इंडेक्स में 1.2 फीसदी और बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। लेकिन बाजार जानकारों को अब शॉर्ट टर्म में तेजी आने की संभावना दिख रही है। कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले का कहना है कि निफ्टी ने एक लॉन्ग लेग्ड डोजी फार्मेशन बनाया है, जो दोनों तरफ ट्रेंडिंग गतिविधि दिखने की ओर संकेत कर रहा है।
